RAS प्रश्न
सीओपी-29 बाकू में जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य को किस स्तर पर स्वीकार किया गया?
सही उत्तर: (D) 2035 तक प्रति वर्ष 300 अरब डॉलर।
सीओपी-29 बाकू में जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य के तहत विकासशील देशों के लिए 2035 तक हर वर्ष $300 अरब का लक्ष्य स्वीकार किया गया।
व्याख्या
सीओपी-29 बाकू का मुख्य मुद्दा जलवायु वित्त था। UNFCCC के अनुसार, सम्मेलन में विकासशील देशों के लिए पुराने $100 अरब वार्षिक लक्ष्य को बढ़ाकर 2035 तक हर वर्ष $300 अरब करने पर सहमति बनी। इसी निर्णय को औपचारिक रूप से जलवायु वित्त पर नया सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य कहा गया। अलग से यह भी कहा गया कि सार्वजनिक और निजी स्रोतों सहित सभी पक्ष 2035 तक विकासशील देशों के लिए वित्त को प्रति वर्ष 1.3 खरब डॉलर तक बढ़ाने के प्रयास करेंगे। स्वीकार किया गया लक्ष्य $300 अरब प्रति वर्ष है, जबकि 1.3 खरब डॉलर व्यापक वित्त-वृद्धि प्रयास है। भारत ने $300 अरब के लक्ष्य को अपर्याप्त माना और इसे साझी लेकिन विभेदित जिम्मेदारी, संबंधित क्षमताओं तथा समानता के आधार से कमतर बताया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) $100 अरब प्रति वर्ष पुराना लक्ष्य था, जिसे सीओपी-29 में विकासशील देशों के लिए 2035 तक $300 अरब प्रति वर्ष तक बढ़ाया गया।
- (B) $500 अरब प्रति वर्ष का लक्ष्य UNFCCC में स्वीकार किए गए NCQG के रूप में नहीं था।
- (C) 1.3 खरब डॉलर प्रति वर्ष स्वीकार किए गए केंद्रीय NCQG की राशि नहीं, बल्कि 2035 तक वित्त बढ़ाने के व्यापक प्रयास का स्तर था।
अवधारणा
यह सवाल अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण शासन और जलवायु वित्त की मूल समझ जांचता है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि COP निर्णय भारत, विकासशील देशों और CBDR-RC जैसी वार्तागत स्थितियों से सीधे जुड़ते हैं।
