RAS प्रश्न
पश्चिमी घाट लगातार फैले हैं, जबकि पूर्वी घाट खंडित हैं। पश्चिमी और पूर्वी घाट किस स्थान पर मिलते हैं?
सही उत्तर: (A) नीलगिरि पहाड़ियाँ।
पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल की सीमा के पास नीलगिरि पहाड़ियों में मिलते हैं।
व्याख्या
मुख्य अंतर पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट की बनावट में है। पश्चिमी घाट दक्षिण भारत के पश्चिमी भाग में अपेक्षाकृत लगातार पर्वत-श्रृंखला की तरह चलते हैं, जबकि पूर्वी घाट टूटे-खंडित रूप में आगे बढ़ते हैं। तमिलनाडु जैवविविधता बोर्ड के अनुसार आंध्र प्रदेश से आने वाले पूर्वी घाट तमिलनाडु को पार कर नीलगिरि पहाड़ियों से मिलते हैं। इसलिए मिलन-स्थल नीलगिरि पहाड़ियाँ हैं। इसी क्षेत्र का डोडाबेट्टा शिखर 2637 मी ऊँचा है और नीलगिरि का सर्वोच्च बिंदु है। पलनी, जवादी और शेवरॉय पहाड़ियाँ इसी दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पहाड़ी इकाइयाँ हैं, लेकिन घाटों के मिलन-बिंदु के रूप में नीलगिरि ही आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) पलनी पहाड़ियाँ अनामलाई की एक शाखा हैं, घाटों का मिलन-स्थल नहीं।
- (C) जवादी पहाड़ियाँ अन्य प्रमुख पहाड़ी समूहों में आती हैं, पर पूर्वी और पश्चिमी घाट के मिलने की जगह नहीं हैं।
- (D) शेवरॉय पहाड़ियाँ अलग पहाड़ी समूह हैं; पूर्वी घाट नीलगिरि पहाड़ियों से मिलते हैं, शेवरॉय से नहीं।
अवधारणा
भारत के भौतिक भूगोल में पश्चिमी घाट-पूर्वी घाट की स्थिति और उनके मिलन-बिंदु की समझ जरूरी है। RAS में ऐसे सवाल बार-बार आते हैं क्योंकि मानचित्र-आधारित पर्वतीय इकाइयाँ छोटे विकल्पों में भ्रम पैदा करती हैं।
