RAS प्रश्न
गूगल-रिन्यू एनर्जी समझौते के तहत गूगल परियोजना की ऊर्जा विशेषताओं की खरीद किस प्रकार के उत्सर्जन से निपटने के लिए करेगा?
सही उत्तर: (C) स्कोप 3 (मूल्य श्रृंखला) उत्सर्जन।
गूगल-रिन्यू एनर्जी समझौते में गूगल परियोजना की ऊर्जा विशेषताएं अपने मूल्य-श्रृंखला यानी स्कोप 3 उत्सर्जन से निपटने के लिए खरीदेगा।
व्याख्या
इस समझौते में रिन्यू एनर्जी राजस्थान में 150 MW की नई सौर परियोजना सक्षम करेगी और गूगल उससे जुड़े पर्यावरणीय विशेषता प्रमाणपत्र प्राप्त करेगा। गूगल इन प्रमाणपत्रों को अपने स्कोप 3 उत्सर्जन में आवंटित करेगा। इसलिए यहां बात कंपनी के अपने संयंत्रों या खरीदी गई बिजली के सीधे उत्सर्जन की नहीं है, बल्कि उस व्यापक मूल्य-श्रृंखला की है जिसमें आपूर्तिकर्ता और अलग-अलग उत्सर्जन स्रोत आते हैं। गूगल स्वच्छ बिजली को मूल्य-श्रृंखला उत्सर्जन घटाने का महत्वपूर्ण उपाय मानता है, खासकर उन उत्सर्जनों के लिए जिन्हें किसी एक खास आपूर्तिकर्ता से सीधे नहीं जोड़ा जा सकता।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) स्कोप 1 उत्सर्जन कंपनी के अपने प्रत्यक्ष संचालन से जुड़ा होता है, जबकि इस समझौते में लक्ष्य मूल्य-श्रृंखला यानी स्कोप 3 उत्सर्जन से निपटना है।
- (B) स्कोप 2 उत्सर्जन खरीदी गई बिजली से जुड़े उत्सर्जन की ओर इशारा करता है, पर इस मामले में गूगल ऊर्जा विशेषताओं को स्कोप 3 उत्सर्जन में आवंटित करेगा।
- (D) शून्य उत्सर्जन ऐसी श्रेणी नहीं है जिसे इस समझौते में संबोधित किया गया हो; लक्ष्य मूल्य-श्रृंखला यानी स्कोप 3 उत्सर्जन से निपटना है।
अवधारणा
पर्यावरणीय लेखांकन में स्कोप 1, स्कोप 2 और स्कोप 3 उत्सर्जन की पहचान जरूरी है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि जलवायु नीति और कॉरपोरेट स्वच्छ-ऊर्जा समझौतों में उत्सर्जन-श्रेणी समझना जरूरी है।
