RAS प्रश्न
भारत में पीली क्रांति किससे संबंधित है?
सही उत्तर: (C) तिलहन उत्पादन।
भारत में पीली क्रांति तिलहन उत्पादन से संबंधित है, जिसमें सरसों और सूरजमुखी जैसे तेलबीजों का उत्पादन बढ़ाना मुख्य था।
व्याख्या
पीली क्रांति का आशय भारत में तिलहन उत्पादन बढ़ाने से है। इसमें खासकर सरसों और सूरजमुखी जैसे तेलबीजों पर जोर था, और तिलहन पर प्रौद्योगिकी मिशन 1986 में सैम पित्रोदा के नेतृत्व में शुरू किया गया ताकि उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता घटे। पत्र सूचना कार्यालय ने भारत की खाद्य तेल जरूरत, तिलहन पारिस्थितिकी तंत्र और आयात-निर्भरता को साथ रखकर इस विषय को समझाया है। भारत ने “पीली क्रांति” के दौर में आत्मनिर्भरता का चरण देखा, जिसे तिलहन पर प्रौद्योगिकी मिशन ने आगे बढ़ाया और जिसमें मूल्य समर्थन तथा आयात-प्रतिस्थापन नीतियों की भूमिका रही। इसलिए सही संबंध तिलहन उत्पादन से है, न कि बागवानी, रबर या गेहूँ से।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) बागवानी पीली क्रांति से नहीं जुड़ती; इसका संबंध स्वर्ण क्रांति से माना जाता है।
- (B) रबर उत्पादन किसी खास रंग-क्रांति से नहीं जुड़ा है, जबकि पीली क्रांति का संदर्भ तिलहन और खाद्य तेलों से है।
- (D) गेहूँ उत्पादन पीली क्रांति का विषय नहीं है; गेहूँ हरित क्रांति से जुड़ा है।
अवधारणा
भारतीय कृषि में रंग-क्रांतियों और फसल-विशेष उत्पादन अभियानों की पहचान RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि, खाद्य तेल आत्मनिर्भरता और आयात-निर्भरता भारतीय भूगोल और अर्थव्यवस्था, दोनों से सीधे जुड़ते हैं।
