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RAS प्रश्न

भाबर के दक्षिण में तराई क्षेत्र की विशेषता है:

सही उत्तर: (A) दलदली, नम भूमि जहाँ भूमिगत नदियाँ पुनः प्रकट होती हैं और घने वन हैं।

भाबर के दक्षिण में स्थित तराई क्षेत्र वह दलदली, नम पट्टी है जहाँ भाबर में भूमिगत हुई धाराएँ फिर सतह पर आकर घनी प्राकृतिक वनस्पति और विविध वन्यजीवन की स्थिति बनाती हैं।

  1. (A)

    दलदली, नम भूमि जहाँ भूमिगत नदियाँ पुनः प्रकट होती हैं और घने वन हैं

  2. (B)

    शुष्क, बंजर भूदृश्य

  3. (C)

    तटीय रेतीले समुद्र तट

  4. (D)

    वनस्पतिहीन पथरीला भूभाग

व्याख्या

तराई को पहचानने की कुंजी उसका स्थान और जल-व्यवहार है। NCERT के अनुसार भाबर शिवालिक पादप्रदेश के समानांतर कंकड़-पत्थर वाली संकरी पट्टी है, जहाँ पहाड़ों से आने वाली धाराएँ कई बार जमीन में समा जाती हैं। इसके ठीक दक्षिण में तराई पट्टी आती है, जहाँ अधिकांश धाराएँ और नदियाँ बिना साफ, निश्चित मार्ग के फिर सतह पर निकलती हैं। इसी कारण यहाँ दलदली और नम स्थितियाँ बनती हैं। यही नमी घनी प्राकृतिक वनस्पति और विविध वन्यजीवन को सहारा देती है। इसलिए दिए गए विकल्पों में तराई के लिए दलदली, नम भूमि, भूमिगत धाराओं का पुनः प्रकट होना और घने वन वाला वर्णन ही सही बैठता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) तराई को NCERT दलदली और नम क्षेत्र बताता है, इसलिए शुष्क और बंजर भूदृश्य इसका उलटा वर्णन है।
  • (C) तराई भाबर के दक्षिण में हिमालयी पादप्रदेश से जुड़ी अंतर्देशीय पट्टी है, इसलिए तटीय रेतीले समुद्र तट वाली विशेषता उससे मेल नहीं खाती।
  • (D) तराई में घनी प्राकृतिक वनस्पति और विविध वन्यजीवन बताया गया है, इसलिए वनस्पतिहीन पथरीला भूभाग उसका सही लक्षण नहीं हो सकता।

अवधारणा

यह प्रश्न उत्तर भारत के मैदानी भागों में भाबर-तराई के भू-आकृतिक क्रम और जल-निकास की समझ जांचता है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है क्योंकि इससे स्थलाकृति, जल, वनस्पति और वन्यजीवन को एक साथ समझा जाता है।

स्रोत

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