RAS प्रश्न
पूर्वोत्तर भारत में भूकंपीय गतिविधि मुख्य रूप से किस विवर्तनिक सीमा के पास होने के कारण होती है?
सही उत्तर: (C) भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के बीच टकराव क्षेत्र।
पूर्वोत्तर भारत की भूकंपीय गतिविधि मुख्य रूप से भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के टकराव क्षेत्र के निकट होने के कारण होती है।
व्याख्या
पूर्वोत्तर भारत में भूकंपीय खतरा अधिक है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के टकराव से जुड़े क्षेत्र के पास आता है। इसी कारण यह भूकंपीय क्षेत्र V में रखा जाता है, जो देश के सबसे अधिक भूकंपीय खतरे वाले क्षेत्रों में है। लोकसभा अतारांकित प्रश्न 2844 में भारतीय उपमहाद्वीप को अत्यधिक भूकंप-प्रवण बताया गया है; यहां भूकंप अल्पाइन-हिमालयी पट्टी में आते हैं, जो अंडमान-सुमात्रा चाप, इंडो-बर्मी चाप और हिमालयी चाप से होकर गुजरती है। इन भूकंपों का कारण भारतीय प्लेट की यूरेशियन और सुंडा प्लेटों से लगातार टकराव/अवतलन है। इसलिए मूल कारण भारतीय-यूरेशियन प्लेट टकराव है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) यह विकल्प भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के बीच अपसारी सीमा बताता है, जबकि पूर्वोत्तर भारत की भूकंपीयता भारतीय-यूरेशियन टकराव क्षेत्र से जुड़ी है।
- (B) प्रशांत अग्नि वलय की रूपांतर सीमा इस स्थान से मेल नहीं खाती, क्योंकि भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंपीयता अल्पाइन-हिमालयी और हिमालयी संदर्भ से जुड़ी है।
- (D) प्रशांत प्लेट का अवतलन क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत के लिए कारण नहीं है; यहां संबंधित कारण भारतीय प्लेट का यूरेशियन प्लेट से टकराव है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्लेट-विवर्तनिकी और भारत के भूकंपीय क्षेत्रीकरण के संबंध को परखता है। RAS में यह इसलिए बार-बार उपयोगी है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत, हिमालयी पट्टी और आपदा-जोखिम को साथ समझना पड़ता है।
