RAS प्रश्न
राजस्थान भूमि सुधार और जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम किस उद्देश्य से लागू किया गया था?
सही उत्तर: (A) जागीरदारी प्रणाली को समाप्त करना और भूमि पुनर्वितरण।
राजस्थान भूमि सुधार और जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952 का उद्देश्य जागीर भूमि का पुनर्ग्रहण कर जागीरदारी व्यवस्था को समाप्त करना और भूमि सुधार के तहत भूमि का पुनर्वितरण कराना था।
व्याख्या
इस अधिनियम का सही आशय जागीरदारी व्यवस्था को खत्म कर भूमि-सुधार लागू करना था। इसका उद्देश्य जागीर भूमि का पुनर्ग्रहण और भूमि-सुधार के अन्य उपाय लागू करना था। इसी क्रम में अधिनियम सरकार को अधिसूचना से अलग-अलग श्रेणी की जागीर भूमि के पुनर्ग्रहण की तारीख तय करने की शक्ति देता है। पुनर्ग्रहण के बाद जागीरदार और उसके माध्यम से दावा करने वालों के अधिकार, हित और स्वामित्व सरकार में चले जाते हैं। यह कृषि सुधार का हिस्सा था, जिसमें भूमि का पुनर्वितरण किसानों तक पहुंचाने की दिशा मानी गई। इसलिए विकल्प A ही अधिनियम के उद्देश्य को ठीक पकड़ता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) यह अधिनियम नई जागीरें बनाने के लिए नहीं था, क्योंकि इसका उद्देश्य जागीर भूमि का पुनर्ग्रहण और भूमि-सुधार था।
- (C) नई रियासतें स्थापित करना इस अधिनियम का विषय नहीं था; अधिनियम भूमि-सुधार और जागीर भूमि के पुनर्ग्रहण से जुड़ा था।
- (D) जागीरदारों की शक्तियां बढ़ाना उलटा अर्थ देगा, क्योंकि पुनर्ग्रहण के बाद जागीर भूमि पर जागीरदार के अधिकार और हित सरकार में चले जाते हैं।
अवधारणा
राजस्थान की कृषि संरचना में भूमि सुधार और जागीरदारी उन्मूलन की समझ जरूरी है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि राज्य-निर्माण के बाद भूमि-राजस्व और किसान-हित से जुड़े सुधार राजस्थान अर्थव्यवस्था के मूल अध्याय हैं।
