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RAS प्रश्न

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) मुख्य रूप से वितरित करती है:

सही उत्तर: (B) उचित मूल्य दुकानों से रियायती दरों पर चावल, गेहूँ, चीनी और मिट्टी का तेल।

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली मुख्य रूप से उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से रियायती दरों पर चावल, गेहूँ, चीनी और मिट्टी का तेल उपलब्ध कराती है।

  1. (A)

    उर्वरक और बीज

  2. (B)

    उचित मूल्य दुकानों से रियायती दरों पर चावल, गेहूँ, चीनी और मिट्टी का तेल

  3. (C)

    केवल दूध और डेयरी उत्पाद

  4. (D)

    कपड़े और आश्रय सामग्री

व्याख्या

सार्वजनिक वितरण प्रणाली का मूल काम खाद्य अर्थव्यवस्था के प्रबंधन और आम उपभोक्ता तक जरूरी वस्तुएँ सुलभ कीमतों पर पहुँचाने से जुड़ा है। इस प्रणाली के तहत गेहूँ, चावल, चीनी और मिट्टी का तेल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वितरण के लिए आवंटित किए जाते हैं। इसलिए विकल्प B सही है, क्योंकि इसमें इन वस्तुओं को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से रियायती मूल्यों पर वितरित करने की बात है। मौजूदा व्यवस्था में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्यान्न अधिकार भी इसी ढाँचे से जुड़े हैं: अंत्योदय अन्न योजना परिवार को 35 किग्रा प्रति माह और प्राथमिकता श्रेणी के व्यक्ति को 5 किग्रा प्रति माह खाद्यान्न मिलता है, तथा भारतीय खाद्य निगम खाद्यान्न की खरीद और भंडारण में भूमिका निभाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) उर्वरक और बीज कृषि निवेश हैं, जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गेहूँ, चावल, चीनी और मिट्टी के तेल जैसी उपभोक्ता वस्तुएँ शामिल हैं।
  • (C) दूध और डेयरी उत्पाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मुख्य सूची में नहीं आते; इसके तहत गेहूँ, चावल, चीनी और मिट्टी का तेल शामिल हैं।
  • (D) कपड़े कुछ राज्यों में अतिरिक्त उपभोग वस्तु के रूप में दिए जा सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मुख्य आवंटित वस्तुओं में खाद्यान्न, चीनी और मिट्टी का तेल हैं, आश्रय सामग्री नहीं।

अवधारणा

भारत की खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मूल समझ RAS के लिए अहम है। कल्याणकारी योजनाओं, खाद्य सब्सिडी और गरीब परिवारों तक पहुँच के बीच सीधा संबंध होने के कारण यह विषय बार-बार आता है।

स्रोत

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