RAS प्रश्न
बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों के भूमि पर पहुँचने से ठीक पहले तेजी से प्रबल हो जाने की घटना मुख्य रूप से किस कारण होती है?
सही उत्तर: (A) समुद्री सतह का तापमान अधिक होना (>27°C) और तट के पास कम ऊर्ध्वाधर पवन कर्तन।
बंगाल की खाड़ी में भूमि पर पहुँचने से ठीक पहले चक्रवातों का तेजी से प्रबल होना मुख्यतः गर्म समुद्री सतह तापमान और तट के पास कम ऊर्ध्वाधर पवन कर्तन के कारण होता है।
व्याख्या
चक्रवात को तेजी से प्रबल करने के लिए ऐसी दशाएँ चाहिए जो उसे ऊर्जा दें और उसकी संरचना को टूटने न दें। बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह तापमान 27°C से ऊपर, कई बार 28-30°C तक रहता है; इससे उच्च महासागरीय ऊष्मा और नम हवा चक्रवात को बल देती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के चक्रवात प्रश्नोत्तर में भी गर्म समुद्री जल को उष्णकटिबंधीय चक्रवात के ऊष्मा-इंजन का ईंधन बताया गया है और कम ऊर्ध्वाधर पवन कर्तन को अनुकूल दशा माना गया है। अधिक पवन कर्तन गहरे संवहन के संगठन में बाधा डालकर चक्रवात को कमजोर कर सकता है। इसलिए गर्म, नम, अर्द्ध-बंद बंगाल की खाड़ी और कम पवन कर्तन तेजी से प्रबल होने के लिए सबसे उपयुक्त संयोजन बनाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) कम आर्द्रता व्यापक गरज-मेघ और संघनन से मिलने वाली गुप्त ऊष्मा को घटाती है, इसलिए यह चक्रवात को प्रबल करने के बजाय कमजोर करने वाली दशा है।
- (C) पर्वतीय भू-भाग भूमि पर पहुँचने के बाद चक्रवात की संरचना और नमी-आपूर्ति को बाधित करता है; यह समुद्र के ऊपर भूमि पर पहुँचने से पहले तेजी से प्रबल होने का कारण नहीं है।
- (D) ठंडी समुद्री धाराएँ समुद्री सतह की ऊष्मा घटाती हैं, जबकि चक्रवात के प्रबलन के लिए गर्म समुद्री जल आवश्यक ईंधन की तरह काम करता है।
अवधारणा
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति और प्रबलन समुद्री ऊष्मा, नमी और पवन कर्तन जैसी भौतिक दशाओं पर निर्भर करते हैं। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि भारतीय तट, बंगाल की खाड़ी और आपदा-प्रबंधन को साथ जोड़कर पूछा जा सकता है।
