RAS प्रश्न
भारत में 'अक्टूबर गर्मी' से तात्पर्य है:
सही उत्तर: (A) अक्टूबर में मानसून की वापसी के समय उच्च तापमान और आर्द्रता।
भारत में 'अक्टूबर गर्मी' लौटते मानसून के दौरान साफ आसमान, बढ़े तापमान और अधिक आर्द्रता से बनने वाली उमस भरी, असहज स्थिति को कहते हैं।
व्याख्या
एनसीईआरटी के अनुसार अक्टूबर और नवंबर लौटते मानसून के महीने हैं। सितंबर के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर होने लगता है और अक्टूबर की शुरुआत तक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी की ओर रहता है। इस समय लौटते मानसून में आसमान साफ होता है और तापमान बढ़ता है, जबकि जमीन अभी नम रहती है। इसी कारण अधिक तापमान और आर्द्रता मिलकर मौसम को बहुत उमस भरा और असहज बनाते हैं; यही सामान्य रूप से 'अक्टूबर गर्मी' कहलाता है। दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी मानसून के बीच के संक्रमण काल में तापमान लगभग 30-35°C रहता है और नमी के कारण असुविधा बढ़ती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) ज्वालामुखीय गर्मी का लौटते मानसून, साफ आसमान, नम जमीन और अधिक आर्द्रता से बनने वाली 'अक्टूबर गर्मी' से कोई संबंध नहीं है।
- (C) अक्टूबर की लू कहना सही नहीं है, क्योंकि यहां बात सूखी लू की नहीं बल्कि लौटते मानसून में तापमान और आर्द्रता के मेल से बनी उमस भरी स्थिति की है।
- (D) अक्टूबर में वन आग इस शब्द का अर्थ नहीं है; एनसीईआरटी इसे लौटते मानसून के मौसम में अधिक तापमान और आर्द्रता से जुड़ी असहज अवस्था बताती है।
अवधारणा
भारतीय जलवायु में मानसून की वापसी और ऋतु-परिवर्तन की समझ जरूरी है। आरएएस में यह अवधारणा बार-बार आती है क्योंकि मानसून का समय, वापसी, आर्द्रता और क्षेत्रीय मौसम भारत तथा राजस्थान की भौगोलिक समझ के मूल हिस्से हैं।
