RAS प्रश्न
मेघालय पठार (शिलांग पठार) मुख्य प्रायद्वीपीय पठार से किससे अलग है?
सही उत्तर: (C) गारो-राजमहल अंतराल (मालदा अंतराल)।
मेघालय पठार या शिलांग पठार मुख्य प्रायद्वीपीय पठार से गारो-राजमहल अंतराल, जिसे मालदा अंतराल भी कहा जाता है, द्वारा अलग है।
व्याख्या
मेघालय पठार प्रायद्वीपीय पठार का अलग हुआ खंड माना जाता है। Cambridge Core के अध्याय के अनुसार उत्तर-पूर्व भारत का शिलांग-मिकिर प्रीकैम्ब्रियन भूखंड छोटानागपुर नाइसिक कॉम्प्लेक्स की उत्तर-पूर्वी निरंतरता है, जो बंगाल बेसिन यानी गंगा-ब्रह्मपुत्र घाटी के पार दिखाई देती है। बंगाल बेसिन, जिसे राजमहल-गारो पहाड़ियाँ अंतराल कहा गया है, भारतीय प्रायद्वीपीय भूखंड और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के बीच आता है। यही भौगोलिक अलगाव गारो-राजमहल अंतराल या मालदा अंतराल कहलाता है। इसलिए सही विकल्प C है; ब्रह्मपुत्र, नर्मदा या गंगा डेल्टा इस अलगाव की सही भौगोलिक रेखा नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ब्रह्मपुत्र नदी पठार के उत्तर की ओर है और उत्तर तथा पूर्वी किनारों पर ब्रह्मपुत्र नदी घाटी के जलोढ़ मैदान मिलते हैं, इसलिए यह मुख्य प्रायद्वीपीय पठार से अलग करने वाला अंतराल नहीं है।
- (B) नर्मदा घाटी मध्य भारत की प्रमुख घाटी है, जबकि मेघालय पठार का अलगाव उत्तर-पूर्व में राजमहल-गारो पहाड़ियाँ अंतराल और बंगाल बेसिन से जुड़ा है।
- (D) गंगा डेल्टा और आगे दक्षिण में स्थित डेल्टाई क्षेत्र अलग भौगोलिक इकाई है; मेघालय पठार का पृथक्करण गारो-राजमहल या मालदा अंतराल से समझाया जाता है।
अवधारणा
भारत के भौतिक भूगोल में प्रायद्वीपीय पठार की सीमाएँ और उससे अलग हुए भूखंड महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे बिंदु बार-बार आते हैं क्योंकि वे नक्शे, भू-रचना और क्षेत्रीय स्थलरूपों को एक साथ जोड़ते हैं।
