RAS प्रश्न
मेघालय पठार भूवैज्ञानिक रूप से किसका विस्तार है?
सही उत्तर: (C) प्रायद्वीपीय पठार (छोटा नागपुर पठार)।
मेघालय पठार भूवैज्ञानिक रूप से प्रायद्वीपीय पठार, खासकर छोटा नागपुर पठार, का उत्तर-पूर्वी विस्तार है।
व्याख्या
मेघालय पठार को हिमालय या सिंधु-गंगा मैदान से जोड़ना गलत होगा, क्योंकि इसकी बनावट प्रायद्वीपीय पठार से मिलती है। गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों वाला मेघालय पठार प्रायद्वीपीय पठार, विशेष रूप से छोटा नागपुर पठार, का अलग खंड है और मालदा गैप से मुख्य भूमि से अलग हुआ। प्रायद्वीपीय पठार का एक विस्तार उत्तर-पूर्व में मेघालय, कार्बी-आंगलोंग पठार और उत्तर कछार पहाड़ियों के रूप में दिखाई देता है, और यह छोटा नागपुर पठार से एक भ्रंश द्वारा अलग है। इसलिए भूवैज्ञानिक संबंध प्रायद्वीपीय पठार (छोटा नागपुर पठार) से है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) हिमालय पर्वत प्रणाली नई वलित पर्वत-श्रृंखला है, जबकि मेघालय पठार प्रायद्वीपीय पठार का अलग प्राचीन खंड है।
- (B) सिंधु-गंगा मैदान जलोढ़ निक्षेपों से बना मैदान है, जबकि मेघालय प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर-पूर्वी विस्तार से जुड़ा है।
- (D) अंडमान कटक एक अलग ज्वालामुखीय चाप से संबंधित संरचना है; मेघालय का संबंध छोटा नागपुर से अलग हुए प्रायद्वीपीय विस्तार से है।
अवधारणा
भारत के भौतिक प्रदेशों में प्रायद्वीपीय पठार के भूवैज्ञानिक विस्तार और उसके अलग हुए खंडों की समझ जरूरी है। RAS में मानचित्र, संरचना और स्थलाकृति को साथ जोड़कर पढ़ना पड़ता है।
