Aspirant Academy

RAS प्रश्न

COP27 (2022) में शर्म अल-शेख में जिस 'हानि और क्षति' कोष पर सहमति बनी, वह किसके लिए है?

सही उत्तर: (A) जलवायु परिवर्तन के उन प्रभावों की भरपाई करना, जिनके अनुकूल ढलना संभव नहीं है और जिनका बोझ कमजोर विकासशील देशों पर पड़ता है।

COP27 में सहमत हानि और क्षति कोष उन कमजोर विकासशील देशों की सहायता के लिए है, जो जलवायु आपदाओं और ऐसे जलवायु प्रभावों से नुकसान झेलते हैं जिनसे केवल अनुकूलन करके बचा नहीं जा सकता।

  1. (A)

    जलवायु परिवर्तन के उन प्रभावों की भरपाई करना, जिनके अनुकूल ढलना संभव नहीं है और जिनका बोझ कमजोर विकासशील देशों पर पड़ता है

  2. (B)

    केवल अंतरिक्ष अनुसंधान वित्तपोषण

  3. (C)

    केवल यूरोप में पुनर्वनीकरण

  4. (D)

    केवल विकसित देशों में नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण

व्याख्या

COP27 का यह निर्णय इसलिए महत्त्वपूर्ण था क्योंकि पहली बार हानि और क्षति को आधिकारिक एजेंडे में जोड़कर एक अलग कोष तथा नई वित्तीय व्यवस्थाएँ स्थापित करने पर सहमति बनी। इसका लक्ष्य उन कमजोर देशों की मदद करना है जो जलवायु आपदाओं से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। समुद्र-स्तर वृद्धि या चरम मौसम से बुनियादी ढांचे का नष्ट होना ऐसे नुकसान हैं जिन्हें सामान्य अनुकूलन उपाय पूरी तरह रोक नहीं पाते। इसलिए यह कोष केवल उत्सर्जन घटाने या अनुकूलन परियोजनाओं के लिए नहीं, बल्कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रत्यक्ष नुकसान का सामना करने में सहायता देने के लिए है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) यह कोष अंतरिक्ष अनुसंधान से संबंधित नहीं है; UNFCCC इसे जलवायु आपदाओं से प्रभावित कमजोर देशों के लिए हानि और क्षति वित्त से जोड़ता है।
  • (C) यह यूरोप तक सीमित पुनर्वनीकरण कार्यक्रम नहीं है; इसका उद्देश्य विकासशील और विशेष रूप से कमजोर देशों को जलवायु प्रभावों का जवाब देने में सहायता देना है।
  • (D) यह विकसित देशों में नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण तक सीमित नहीं है; हानि और क्षति व्यवस्था विकासशील देशों पर पड़े जलवायु नुकसान से जुड़ी है।

अवधारणा

अंतरराष्ट्रीय जलवायु वित्त और UNFCCC वार्ताओं में हानि और क्षति की अवधारणा महत्त्वपूर्ण है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि जलवायु न्याय, विकासशील देशों की मांगें और COP निर्णय पर्यावरण व समसामयिक नीति के साझा क्षेत्र हैं।

स्रोत

संबंधित प्रश्न