RAS प्रश्न
भारतीय मानसून सामान्यतः केरल तट पर कब पहुँचता है:
सही उत्तर: (B) 1 जून (±7 दिन के अंतर से)।
भारतीय दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः केरल तट पर 1 जून के आसपास पहुँचता है, जिसमें लगभग ±7 दिन का अंतर माना जाता है।
व्याख्या
केरल तट पर दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन भारतीय मुख्यभूमि पर मानसून की शुरुआत का प्रमुख संकेतक है। IMD के अनुसार भारतीय मुख्यभूमि पर मानसून की प्रगति को केरल में उसके आगमन से चिह्नित किया जाता है, और दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः केरल में 1 जून को आता है, जिसका मानक विचलन लगभग 7 दिन है। इसलिए 1 जून (±7 दिन) सही तिथि है। इसके बाद मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, 10 जून तक मुंबई, 25-30 जून तक दिल्ली पहुँचता है और 15 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। मानसून की इस प्रगति में केरल पर आगमन शुरुआती मानक पड़ाव है, न कि बहुत पहले अप्रैल-मई में या देर से जुलाई में।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 1 मई बहुत जल्दी है, क्योंकि IMD के अनुसार केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन 1 जून के आसपास माना जाता है।
- (C) 15 अप्रैल मानसून आगमन के सामान्य समय से काफी पहले है; यह 1 जून के आसपास के मानक से मेल नहीं खाता।
- (D) 1 जुलाई बहुत देर की तिथि है, क्योंकि मानसून 15 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है और केरल पर शुरुआत 1 जून के आसपास होती है।
अवधारणा
भारतीय मानसून की प्रगति उसके सामान्य कैलेंडर से जुड़ी रहती है। RAS में यह तथ्य बार-बार पूछा जाता है क्योंकि केरल पर मानसून का आगमन पूरे दक्षिण-पश्चिम मानसून क्रम की शुरुआती पहचान है।
