Aspirant Academy

RAS प्रश्न

भारतीय मानसून किस पवन प्रणाली का उदाहरण है?

सही उत्तर: (D) सामयिक/मौसमी पवनें।

भारतीय मानसून आवर्ती यानी मौसमी पवन प्रणाली का उदाहरण है, क्योंकि इसकी दिशा मौसम के साथ बदलती है।

  1. (A)

    परिवर्ती पवनें

  2. (B)

    स्थायी पवनें

  3. (C)

    स्थानीय पवनें

  4. (D)

    सामयिक/मौसमी पवनें

व्याख्या

भारतीय मानसून को आवर्ती या मौसमी पवन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह साल भर एक ही दिशा में नहीं बहता, बल्कि मौसम के अनुसार दिशा बदलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून जून-सितंबर में वर्षा लाता है, जबकि उत्तर-पूर्व मानसून अक्टूबर-दिसंबर में लौटते हुए रूप में दिखता है। Encyclopedia.com भी मानसून को प्रचलित पवन की दिशा में मौसमी बदलाव बताता है और भारतीय उपमहाद्वीप में दक्षिण-पश्चिमी मानसून से अलग वर्षा ऋतु का संबंध जोड़ता है। भारतीय मानसून की मुख्य पहचान “मौसम के साथ दिशा-परिवर्तन” है, न कि केवल बारिश। इसलिए भारतीय मानसून स्थायी, स्थानीय या अनियमित पवन नहीं, बल्कि आवर्ती/मौसमी पवन प्रणाली है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) परिवर्ती पवनें अनियमित होती हैं, जबकि मानसून की पहचान मौसम के अनुसार दिशा बदलने वाले नियमित मौसमी क्रम से है।
  • (B) स्थायी पवनें, जैसे व्यापारिक पवनें, पूरे साल चलती हैं; मानसून पूरे साल एक ही दिशा में चलने वाली पवन नहीं है।
  • (C) स्थानीय पवनें छोटे क्षेत्र की पवनें होती हैं, जैसे लू या चिनूक, जबकि भारतीय मानसून भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी व्यापक मौसमी पवन प्रणाली है।

अवधारणा

भारतीय जलवायु में पवनों का वर्गीकरण और मानसून की मौसमी प्रकृति एक बुनियादी अवधारणा है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि मानसून को समझे बिना भारत की वर्षा, ऋतु-क्रम और जलवायु संबंधी प्रश्न साफ नहीं होते।

स्रोत

संबंधित प्रश्न