RAS प्रश्न
हिमालय को भूवैज्ञानिक दृष्टि से किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है?
सही उत्तर: (A) नवीन वलित पर्वत।
हिमालय भूवैज्ञानिक दृष्टि से नवीन वलित पर्वत हैं, जिनका निर्माण तृतीयक काल में भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के टकराव से हुआ।
व्याख्या
हिमालय को नवीन वलित पर्वत इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे वलित पर्वतों की उसी श्रेणी में आते हैं जो सबसे हाल के पर्वतन काल में बनी। NIOS में हिमालय विश्व के प्रमुख वलित पर्वतों में शामिल हैं, और सबसे हाल के पर्वतन काल में बने ऐसे पर्वत युवा वलित पर्वत कहलाते हैं। हिमालय तृतीयक काल में भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के टकराव से बने। इसलिए विकल्प A, नवीन वलित पर्वत, हिमालय की प्रकृति को ठीक बताता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) प्राचीन वलित पर्वत विकल्प हिमालय पर लागू नहीं होता, क्योंकि हिमालय तृतीयक काल में बने नवीन वलित पर्वत हैं, जबकि अरावली जैसे पर्वत प्राचीन वलित पर्वत के उदाहरण हैं।
- (C) खंड पर्वत भ्रंशन से बनते हैं, जबकि हिमालय का गठन भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के टकराव से बने वलनों से समझाया गया है।
- (D) अवशिष्ट पर्वत अपरदन के बाद बचे हुए भाग होते हैं, जबकि हिमालय वलित पर्वतों की श्रेणी में आते हैं।
अवधारणा
भारत के भौतिक भूगोल में पर्वतों का भूवैज्ञानिक वर्गीकरण एक महत्वपूर्ण आधारभूत विषय है। आरएएस में हिमालय इसलिए बार-बार पूछा जाता है क्योंकि इससे पर्वतन, प्लेट-टकराव और भारत की भौतिक बनावट जैसे मूल विषय जुड़ते हैं।
