RAS प्रश्न
घाघरा, जिसे घाघरा या करनाली भी कहा जाता है, गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी किस आधार पर मानी जाती है?
सही उत्तर: (B) जल की मात्रा से।
घाघरा, जिसे ऊपरी भागों में करनाली कहा जाता है, जल की मात्रा के आधार पर गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी मानी जाती है।
व्याख्या
घाघरा की “सबसे बड़ी” स्थिति जल की मात्रा पर आधारित है, लंबाई या बेसिन क्षेत्र पर नहीं। कुल जल-प्रवाह में इसका हिस्सा लगभग 21% है। नदी तिब्बत-नेपाल क्षेत्र से करनाली के रूप में निकलती है, उत्तर प्रदेश में भारत में प्रवेश करती है और बिहार में छपरा या डोरीगंज के पास गंगा से मिलती है। भारत में गंगा से मिलने तक इसकी लंबाई 1080 किमी मानी गई है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में शारदा, राप्ती और छोटी गंडक आती हैं। इसलिए “सबसे बड़ी” यहां जल की मात्रा के अर्थ में है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) उप-सहायकों की संख्या घाघरा को गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी मानने का आधार नहीं है; सही माप जल की मात्रा है।
- (C) लंबाई के आधार पर उत्तर बदल जाता है, क्योंकि गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी यमुना है, घाघरा नहीं।
- (D) बेसिन क्षेत्र अलग माप है; घाघरा की स्थिति जल की मात्रा के आधार पर है, न कि बेसिन के फैलाव से।
अवधारणा
भारतीय अपवाह तंत्र में नदी-सहायक नदी संबंध और “सबसे बड़ी” बनाम “सबसे लंबी” जैसे मापों का अंतर महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि एक ही नदी को अलग-अलग आधारों पर अलग उत्तर मिल सकता है।
