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RAS प्रश्न

गाडगिल समिति (WGEEP) ने पश्चिमी घाट को कितने पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्रों में विभाजित करने की सिफारिश की?

सही उत्तर: (D) 3।

गाडगिल समिति यानी WGEEP ने पश्चिमी घाट को 3 पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्रों में बाँटने की सिफारिश की थी।

  1. (A)

    2

  2. (B)

    4

  3. (C)

    5

  4. (D)

    3

व्याख्या

गाडगिल समिति, जिसे पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल कहा गया, ने पश्चिमी घाट की पारिस्थितिक स्थिति का अध्ययन करके पूरे क्षेत्र को पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र मानने की बात रखी। इसी आधार पर समिति ने इसे 3 हिस्सों में बाँटने की सिफारिश की: पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र 1, 2 और 3। इनमें क्षेत्र 1 बहुत उच्च संवेदनशीलता वाला, क्षेत्र 2 उच्च संवेदनशीलता वाला और क्षेत्र 3 मध्यम संवेदनशीलता वाला माना गया। इसलिए संख्या 3 ही सही है। इन तीनों में क्षेत्र 1 को सबसे ज्यादा संरक्षण स्तर दिया गया था, क्योंकि संवेदनशीलता सबसे अधिक उसी में मानी गई।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 2 गलत है, क्योंकि समिति ने पश्चिमी घाट को केवल दो नहीं, बल्कि 1, 2 और 3 नाम वाले तीन पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्रों में बाँटने की सिफारिश की थी।
  • (B) 4 गलत है, क्योंकि चौथे संवेदनशील क्षेत्र का उल्लेख नहीं था; वर्गीकरण 3 स्तरों तक ही था।
  • (C) 5 गलत है, क्योंकि समिति की सिफारिश पाँच क्षेत्रों की नहीं थी, बल्कि बहुत उच्च, उच्च और मध्यम संवेदनशीलता वाले 3 क्षेत्रों की थी।

अवधारणा

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्रों और समिति-रिपोर्ट आधारित संरक्षण नीति की समझ जरूरी है। RAS में ऐसी रिपोर्टें बार-बार इसलिए पूछी जाती हैं क्योंकि वे पर्यावरणीय शासन और क्षेत्रीय संरक्षण के ठोस उदाहरण देती हैं।

स्रोत

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