RAS प्रश्न
दक्कन पठार सामान्यतः किस दिशा में ढलता है?
सही उत्तर: (B) पूर्व।
दक्कन पठार सामान्यतः पूर्व की ओर ढलता है।
व्याख्या
दक्कन पठार के ढाल को उसकी ऊंचाई और नदियों के बहाव से साफ समझा जा सकता है। NCERT के अनुसार दक्कन पठार पश्चिम में ऊंचा है और धीरे-धीरे पूर्व की ओर ढलता है। इसी कारण गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी जैसी अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। पश्चिमी घाट इसकी ऊंची पश्चिमी सीमा बनाते हैं, जबकि पूर्वी घाट अपेक्षाकृत कम ऊंचे और असतत हैं। इसलिए यहां सामान्य ढाल पश्चिम, उत्तर या दक्षिण की ओर नहीं, बल्कि पूर्व की ओर माना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पश्चिमी घाट दक्कन पठार की ऊंची पश्चिमी सीमा बनाते हैं, इसलिए सामान्य ढाल पश्चिम की ओर नहीं माना जाता।
- (C) उत्तर में विंध्य-सतपुड़ा क्षेत्र सीमा की तरह है; पठार का सामान्य ढाल उत्तर की ओर नहीं, पूर्व की ओर है।
- (D) दक्षिण में नीलगिरि पहाड़ियां हैं, लेकिन सामान्य जल-निकास गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी जैसी नदियों के साथ पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में जाता है।
अवधारणा
भारत के भौतिक भूगोल में प्रायद्वीपीय पठार का ढाल और अपवाह तंत्र एक बुनियादी अवधारणा है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि नदियों की दिशा, घाटों की स्थिति और पठारी संरचना आपस में जुड़े हुए हैं।
