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RAS प्रश्न

दक्कन पठार का ढलान किस ओर है:

सही उत्तर: (D) पश्चिम से पूर्व, जिससे अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में बहती हैं।

दक्कन पठार का सामान्य ढलान पश्चिम से पूर्व की ओर है, इसलिए अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियां पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।

  1. (A)

    दक्षिण से उत्तर

  2. (B)

    पूर्व से पश्चिम

  3. (C)

    उत्तर से दक्षिण

  4. (D)

    पश्चिम से पूर्व, जिससे अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में बहती हैं

व्याख्या

दक्कन पठार को समझने की कुंजी उसकी सतह के सामान्य झुकाव में है। यह पठार पूर्व की ओर हल्का ढलान रखता है, और गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी जैसी प्रमुख नदियां पश्चिमी घाटों की ओर से निकलकर पूर्व में बंगाल की खाड़ी तक जाती हैं। इसलिए ढलान पश्चिम से पूर्व है और नदी-प्रवाह भी सामान्यतः इसी दिशा में रहता है। पश्चिमी घाटों और पूर्वी घाटों की ऊंचाई के अंतर से भी यही भौगोलिक बनावट बनती है। नर्मदा और ताप्ती अपवाद हैं, क्योंकि वे भ्रंश घाटियों से होकर पश्चिम की ओर बहती हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) दक्षिण से उत्तर ढलान मानने पर नदियों का सामान्य प्रवाह उत्तर की ओर होना चाहिए, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियां पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में बहती हैं।
  • (B) पूर्व से पश्चिम ढलान होता तो अधिकांश नदियां पश्चिम की ओर जातीं, लेकिन गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियां पूर्व की ओर बहती हैं।
  • (C) उत्तर से दक्षिण ढलान दक्कन पठार की सामान्य बनावट से मेल नहीं खाता, क्योंकि इसकी प्रमुख ढलान पश्चिम से पूर्व है और नदी-प्रवाह भी इसी दिशा की पुष्टि करता है।

अवधारणा

भारतीय भूगोल में प्रायद्वीपीय पठार की स्थलाकृति और नदी-प्रवाह का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में ढलान, घाटों और नदी-तंत्र को जोड़कर तथ्य के साथ भौगोलिक कारण समझना पड़ता है।

स्रोत

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