RAS प्रश्न
बॉन सम्मेलन किससे संबंधित है?
सही उत्तर: (B) प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण।
बॉन सम्मेलन का पूरा नाम वन्य पशुओं की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी अभिसमय है; इसलिए इसका संबंध प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण से है।
व्याख्या
इस संधि का आधिकारिक नाम वन्य पशुओं की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी अभिसमय (CMS) है, जिससे इसका विषय सीधे स्पष्ट हो जाता है। UNESCO विश्व धरोहर केंद्र इसे बॉन सम्मेलन कहता है और बताता है कि इसे 23 जून 1979 को अपनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अंतर्गत यह एक पर्यावरणीय संधि है, जो प्रवासी पशुओं के पूरे प्रवास क्षेत्र में उन पशुओं और उनके आवासों के समन्वित संरक्षण तथा सतत उपयोग की व्यवस्था करती है। इसके दायरे में स्थलीय व जलीय जीवों और पक्षियों की प्रवासी प्रजातियाँ आती हैं। इसलिए इसका विषय ओज़ोन परत का क्षरण, मरुस्थलीकरण या जलवायु परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रवासी वन्य प्रजातियाँ हैं। भारत ने 2020 में पक्षकारों के 13वें सम्मेलन (COP13) की मेजबानी की थी। परीक्षा की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण तथ्य है, लेकिन मूल संबंध यही है कि बॉन सम्मेलन प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण से जुड़ा है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) ओज़ोन परत का संबंध वियना सम्मेलन से है। बॉन सम्मेलन प्रवासी वन्य पशुओं और उनके आवासों से जुड़ा है।
- (C) मरुस्थलीकरण संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) के दायरे में आता है, जबकि बॉन सम्मेलन प्रवास करने वाली प्रजातियों के संरक्षण से जुड़ा है।
- (D) जलवायु परिवर्तन का संबंध जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) से है। इसके विपरीत, बॉन सम्मेलन प्रवासी प्रजातियों से जुड़ा है, न कि ग्रीनहाउस गैसों पर कार्रवाई से।
अवधारणा
यह प्रश्न पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को उनके मुख्य विषयों से जोड़ने की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न अक्सर आते हैं, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा में यह जानना महत्वपूर्ण है कि किस सम्मेलन का संबंध किस विषय से है, जैसे बॉन सम्मेलन का प्रवासी प्रजातियों से संबंध। विकल्पों में अक्सर अलग-अलग वैश्विक संधियों को मिलाकर भ्रम पैदा किया जाता है।
