RAS प्रश्न
भारत में जैव विविधता विरासत स्थलों को किसके तहत अधिसूचित किया जाता है?
सही उत्तर: (B) जैव विविधता अधिनियम 2002।
भारत में जैव विविधता विरासत स्थल जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 37 के तहत अधिसूचित किए जाते हैं।
व्याख्या
जैव विविधता विरासत स्थल के लिए सही वैधानिक आधार जैव विविधता अधिनियम 2002 है, क्योंकि इसी अधिनियम की धारा 37 राज्य सरकार को यह शक्ति देती है कि वह स्थानीय निकायों से परामर्श करके जैव विविधता के महत्व वाले क्षेत्रों को आधिकारिक राजपत्र में जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में अधिसूचित करे। ऐसे क्षेत्र अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता महत्व से जुड़े होते हैं। जैव विविधता विरासत स्थलों की अधिसूचना किसी सामान्य पर्यावरण कानून या वन/वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था के बजाय उसी विशेष अधिनियम और धारा के तहत होती है, जिसमें ऐसे स्थलों की अधिसूचना का प्रावधान है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 व्यापक पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है, लेकिन जैव विविधता विरासत स्थलों की विशिष्ट अधिसूचना का आधार धारा 37 वाला जैव विविधता अधिनियम 2002 है।
- (C) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 संरक्षित क्षेत्रों से अलग तरह से जुड़ा है; जैव विविधता विरासत स्थल अधिसूचना जैव विविधता अधिनियम 2002 के तहत आती है।
- (D) वन संरक्षण अधिनियम 1980 वन संरक्षण से संबंधित है, जबकि जैव विविधता महत्व वाले क्षेत्रों को जैव विविधता विरासत स्थल घोषित करने का प्रावधान जैव विविधता अधिनियम 2002 में है।
अवधारणा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में जैव विविधता शासन और अधिनियम-आधारित संरक्षण उपकरणों की पहचान महत्वपूर्ण रहती है। RAS में ऐसे वैधानिक आधार बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि विकल्पों में मिलते-जुलते पर्यावरण, वन और वन्यजीव कानून देकर सही अधिनियम पहचानने को कहा जाता है।
