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RAS प्रश्न

हिमालय में शीतोष्ण वन (2000-3000 मीटर) में किसकी प्रधानता होती है:

सही उत्तर: (C) देवदार, बाँज, बुरांश, मेपल और भोजपत्र।

हिमालय के 2000-3000 मीटर ऊँचाई-पट्टी वाले शीतोष्ण वनों में देवदार, बाँज, बुरांश, मेपल और भोजपत्र जैसे वृक्षों की प्रधानता होती है।

  1. (A)

    सागौन और साल

  2. (B)

    कैक्टस और कांटेदार झाड़ियाँ

  3. (C)

    देवदार, बाँज, बुरांश, मेपल और भोजपत्र

  4. (D)

    मैंग्रोव प्रजातियाँ

व्याख्या

हिमालयी आर्द्र शीतोष्ण वन 2000-3000 मीटर के आसपास हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मिलते हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान की रूपी-भाभा वन्यजीव अभयारण्य रिपोर्ट बताती है कि ऊँचाई बदलने पर वन-प्रकार भी बदलते हैं: 2300-2600 मीटर पर नम देवदार पट्टे, 2400-2600 मीटर पर बाँज-पाइन वन, 2300-2800 मीटर पर मेपल वाले नम शीतोष्ण चौड़ी पत्ती वन, और 3000 मीटर से ऊपर भोजपत्र-फर वन। रिपोर्ट की सूची में देवदार, बाँज, भोजपत्र, मेपल और बुरांश इसी शीतोष्ण ऊँचाई-क्षेत्र में आते हैं। इसलिए विकल्प C इस पट्टी की वास्तविक हिमालयी वनस्पति को सबसे ठीक पकड़ता है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) सागौन और साल 2000-3000 मीटर के हिमालयी शीतोष्ण पट्टे की प्रधान प्रजातियाँ नहीं हैं; यहाँ स्रोत और व्याख्या देवदार, बाँज, मेपल, बुरांश और भोजपत्र जैसे वृक्ष दिखाते हैं।
  • (B) कैक्टस और कांटेदार झाड़ियाँ नम हिमालयी शीतोष्ण वन-क्षेत्र से मेल नहीं खातीं; स्रोत इसी ऊँचाई पर नम देवदार, बाँज-पाइन और नम शीतोष्ण चौड़ी पत्ती वन बताता है।
  • (D) मैंग्रोव प्रजातियाँ हिमालय की इस ऊँचाई-पट्टी की वनस्पति नहीं हैं; स्रोत यहाँ देवदार, बाँज, मेपल और भोजपत्र जैसे पर्वतीय शीतोष्ण वृक्षों का उल्लेख करता है।

अवधारणा

यह प्रश्न भारत की प्राकृतिक वनस्पति में ऊँचाई के साथ वन-प्रकार बदलने की अवधारणा जाँचता है। RAS में हिमालयी वनस्पति इसलिए बार-बार आती है क्योंकि इसी क्षेत्र में ऊँचाई, नमी और ढाल बदलते ही वनस्पति बदल जाती है।

स्रोत

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