RAS प्रश्न
झूम कृषि (कर्तन एवं दहन कृषि) कहाँ प्रचलित है:
सही उत्तर: (A) पूर्वोत्तर भारत।
कर्तन एवं दहन यानी स्थानांतरण कृषि को पूर्वोत्तर भारत में झूम या झूमिंग कहा जाता है।
व्याख्या
झूम खेती इसलिए पूर्वोत्तर भारत से जोड़ी जाती है क्योंकि NCERT के अनुसार कर्तन और दहन कृषि को उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में झूमिंग कहा जाता है। इसमें किसान भूमि का एक टुकड़ा साफ कर उसे जलाते हैं और अनाज या अन्य खाद्य फसलें उगाते हैं। जब मिट्टी की उर्वरता घटती है, तो किसान खेती के लिए दूसरी जगह साफ करते हैं। इसी कारण यह स्थायी खेत वाली कृषि नहीं, बल्कि स्थानांतरण कृषि है। यही पद्धति भारत के अलग-अलग भागों में अलग नामों से जानी जाती है; पश्चिमी घाट में इसे कुमारी कहा जाता है, जबकि झूम नाम पूर्वोत्तर भारत से संबंधित है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) गंगा-सिंधु मैदान स्थायी कृषि से जुड़ा क्षेत्र है, जबकि झूम मिट्टी की उर्वरता घटने पर खेत बदलने वाली स्थानांतरण कृषि है।
- (C) पश्चिमी घाट में इसी प्रकार की खेती का नाम कुमारी दिया गया है, इसलिए वहां के लिए झूम नाम सही नहीं बैठता।
- (D) थार मरुस्थल स्थानांतरण कृषि का क्षेत्र नहीं माना जाता, जबकि झूम का संबंध पूर्वोत्तर भारत से है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारत में स्थानांतरण कृषि और उसके क्षेत्रीय नामों की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि एक ही कृषि पद्धति अलग क्षेत्रों में अलग नामों से पूछी जाती है।
