RAS प्रश्न
भारत में पवित्र उपवन संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्यों माने जाते हैं?
सही उत्तर: (D) धार्मिक विश्वासों से जुड़ी पारंपरिक सामुदायिक सुरक्षा से जैव विविधता को संरक्षित करती हैं।
भारत में पवित्र उपवन धार्मिक विश्वासों से जुड़ी पारंपरिक सामुदायिक सुरक्षा के कारण जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं।
व्याख्या
पवित्र उपवन ऐसे वन-क्षेत्र हैं जिन्हें आसपास के समुदाय धार्मिक या आध्यात्मिक महत्व के कारण सुरक्षित रखते हैं। इसलिए उनका संरक्षण केवल किसी प्रशासनिक आदेश पर नहीं, बल्कि स्थानीय आस्था और सामुदायिक अनुशासन पर टिकता है। हिमाचल के देववन, राजस्थान के ओरण, झारखंड के सरना, केरल के कावु और मेघालय के लॉ लिंगडोह/लॉ किंटांग इसके उदाहरण हैं; इससे साफ है कि यह परंपरा पूरे भारत में मिलती है। मेघालय जैव विविधता बोर्ड भी बताता है कि ऐसे उपवन समृद्ध जैव विविधता को बचाते हैं और दुर्लभ, संकटग्रस्त तथा स्थानिक प्रजातियों को आश्रय देते हैं। जैव विविधता संरक्षण में इनका आधार धार्मिक विश्वासों से जुड़ी पारंपरिक सामुदायिक सुरक्षा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पवित्र उपवन केवल पूर्वोत्तर भारत तक सीमित नहीं हैं; इनके उदाहरण हिमाचल, राजस्थान, झारखंड, केरल और मेघालय में मिलते हैं।
- (B) पवित्र उपवन कृत्रिम वन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक या आध्यात्मिक महत्व के कारण सुरक्षित रखे गए वन-क्षेत्र हैं।
- (C) इनका मुख्य संरक्षण आधार सरकार-प्रबंधित अभयारण्य नहीं, बल्कि धार्मिक विश्वासों से जुड़ी समुदाय की पारंपरिक सुरक्षा है।
अवधारणा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में समुदाय-आधारित संरक्षण और परंपरागत ज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान के ओरण जैसे उदाहरण जैव विविधता संरक्षण को स्थानीय समाज और आस्था से जोड़ते हैं।
