RAS प्रश्न
पवित्र उपवन किसके उदाहरण हैं?
सही उत्तर: (B) समुदाय आधारित स्वस्थाने संरक्षण।
पवित्र उपवन समुदाय-आधारित स्वस्थाने संरक्षण के उदाहरण हैं, क्योंकि इनमें वन-खंड स्थानीय समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण अपने प्राकृतिक स्थान पर सुरक्षित रखे जाते हैं।
व्याख्या
पवित्र उपवन ऐसे वन-खंड हैं जिन्हें स्थानीय समुदाय धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण सुरक्षित रखते हैं। FAO के अनुसार ये स्थानीय लोगों की सामाजिक रोक के कारण अछूते छोड़े गए वन-क्षेत्र हैं, जिनमें जैव-विविधता बची रहती है। इसलिए यह संरक्षण चिड़ियाघर या बाहर ले जाकर किए गए संरक्षण जैसा नहीं है; वनस्पति और जीव अपने प्राकृतिक आवास में ही सुरक्षित रहते हैं। यही स्वस्थाने संरक्षण का मूल अर्थ है। राजस्थान में देव वन, केरल में कान और कर्नाटक में देवराकाडू जैसे नाम इसी परंपरा से जुड़े हैं। इसलिए सही पहचान समुदाय-आधारित स्वस्थाने संरक्षण है, न कि केवल वैज्ञानिक या बहिस्थाने संरक्षण।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) चिड़ियाघर-आधारित संरक्षण में जीवों को नियंत्रित बंद स्थान में रखा जाता है, जबकि पवित्र उपवन स्थानीय समुदायों द्वारा अपने प्राकृतिक वन-खंड के रूप में सुरक्षित रखे जाते हैं।
- (C) बहिस्थाने संरक्षण में प्रजातियों को प्राकृतिक आवास से बाहर सुरक्षित किया जाता है, जबकि पवित्र उपवनों में संरक्षण उसी वन-क्षेत्र में होता है जहाँ जैव-विविधता स्वाभाविक रूप से मौजूद है।
- (D) पवित्र उपवनों में संरक्षण का आधार मुख्यतः समुदाय की धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताएं और सामाजिक रोक हैं, इसलिए इसे केवल वैज्ञानिक संरक्षण कहना सही वर्गीकरण नहीं है।
अवधारणा
जैव-विविधता संरक्षण में स्वस्थाने और बहिस्थाने संरक्षण का अंतर मूल अवधारणा है। RAS में पवित्र उपवन इसलिए बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे परंपरागत समुदाय-आधारित संरक्षण और पर्यावरणीय अवधारणाओं को जोड़ते हैं।
