RAS प्रश्न
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (NPP) के तहत भारत में नदी जोड़ परियोजना के दो घटक हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा प्रायद्वीपीय नदियों के विकास घटक का सही वर्णन करता है?
सही उत्तर: (B) प्रायद्वीप में अधिशेष पूर्व-प्रवाही नदियों को पश्चिम-प्रवाही और कमी वाली नदियों से जोड़ना, जिसमें महानदी-गोदावरी-कृष्णा-कावेरी लिंक शामिल है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के प्रायद्वीपीय नदियों के विकास घटक में अधिशेष पूर्व-प्रवाही प्रायद्वीपीय नदियों को प्रायद्वीप के जल-अभाव वाले बेसिनों से जोड़ने की परिकल्पना है।
व्याख्या
राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने प्रायद्वीपीय घटक में महानदी, गोदावरी, कृष्णा, पेन्नार, कावेरी, वैगई और पश्चिम-प्रवाही नदियों सहित प्रमुख बेसिनों का जल-संतुलन अध्ययन किया। महानदी और गोदावरी बेसिन जल-अधिशेष हैं, जबकि कृष्णा, पेन्नार, कावेरी और वैगई जैसे बेसिन जल-अभाव वाले हैं। इनके आधार पर 16 संभावित जोड़ परियोजनाओं की पूर्व-व्यवहार्यता जांच की गई। इसलिए विकल्प B ठीक बैठता है: इसमें प्रायद्वीप के भीतर अधिशेष पूर्व-प्रवाही नदियों को पश्चिम-प्रवाही और कमी वाले बेसिनों से जोड़ने की बात है, और महानदी-गोदावरी-कृष्णा-कावेरी-वैगई शृंखला इसी घटक की मुख्य धुरी है। गंगा-ब्रह्मपुत्र वाला भाग अलग हिमालयी घटक है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह गंगा-ब्रह्मपुत्र तंत्र से अधिशेष जल को प्रायद्वीपीय बेसिनों में लाने की बात करता है, इसलिए यह हिमालयी नदियों के विकास घटक का वर्णन है, प्रायद्वीपीय घटक का नहीं।
- (C) प्रायद्वीपीय घटक पश्चिमी घाट की सभी पश्चिम-प्रवाही नदियों पर बांध बनाकर जल मोड़ने तक सीमित नहीं है; इसका आधार अधिशेष और जल-अभाव वाले प्रायद्वीपीय बेसिनों को जोड़ना है।
- (D) यमुना, सोन और चंबल के बीच गंगा बेसिन का नेटवर्क प्रायद्वीपीय घटक का वर्णन नहीं करता, क्योंकि सही घटक महानदी-गोदावरी जैसे प्रायद्वीपीय अधिशेष बेसिनों और कमी वाले बेसिनों से जुड़ा है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय भूगोल में जल संसाधन नियोजन और अंतःघाटी जल-स्थानांतरण की समझ जांचता है। RAS में नदी-जोड़, सिंचाई और जल-अभाव जैसे नीति-आधारित भूगोल विषय बार-बार पूछे जाते हैं।
