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RAS प्रश्न

भारत में लाल मिट्टी किसके अपक्षय से बनती है?

सही उत्तर: (D) ग्रेनाइट और नाइस जैसी क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानें।

भारत में लाल मिट्टी मुख्यतः ग्रेनाइट और नाइस जैसी क्रिस्टलीय तथा कायांतरित चट्टानों के अपक्षय से बनती है।

  1. (A)

    केवल बलुआ पत्थर

  2. (B)

    चूना पत्थर

  3. (C)

    बेसाल्टिक लावा प्रवाह

  4. (D)

    ग्रेनाइट और नाइस जैसी क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानें

व्याख्या

लाल मिट्टी की उत्पत्ति उसकी जनक चट्टान और रंग, दोनों से समझी जाती है। NCERT के अनुसार लाल मिट्टी पूर्वी और दक्षिणी दक्कन पठार के कम वर्षा वाले भागों में क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती है, और इसका लाल रंग क्रिस्टलीय व कायांतरित चट्टानों में लोहे के प्रसार से बनता है। ग्रेनाइट और नाइस जैसी चट्टानों का अपक्षय इसी प्रक्रिया से जुड़ा है। इसलिए विकल्प D सही है। बेसाल्टिक लावा प्रवाह को अलग रखना चाहिए, क्योंकि उससे काली मिट्टी बनती है, जबकि लाल मिट्टी का संबंध लोहे से रंग लेने वाली क्रिस्टलीय-कायांतरित चट्टानों से है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केवल बलुआ पत्थर कहना संकीर्ण है, क्योंकि NCERT लाल मिट्टी को क्रिस्टलीय तथा कायांतरित चट्टानों से जोड़ता है।
  • (B) चूना पत्थर लाल मिट्टी की प्रमुख जनक चट्टान नहीं है; ग्रेनाइट और नाइस जैसी क्रिस्टलीय-कायांतरित चट्टानें अपेक्षित जनक सामग्री हैं।
  • (C) बेसाल्टिक लावा प्रवाह काली मिट्टी से जुड़ता है, इसलिए यह लाल मिट्टी की सही जनक सामग्री नहीं है।

अवधारणा

भारतीय मृदा-वर्गीकरण में जनक चट्टान, जलवायु और रंग का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में मृदा-प्रकारों को उनकी बनावट, उत्पत्ति और क्षेत्रीय वितरण से जोड़कर बार-बार पूछा जाता है।

स्रोत

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