RAS प्रश्न
लाल श्रेणी के जैव-चिकित्सा अपशिष्ट में शामिल हैं:
सही उत्तर: (D) दूषित डिस्पोजेबल वस्तुएं जैसे ट्यूबिंग, सीरिंज, कैथेटर।
लाल श्रेणी के जैव-चिकित्सा अपशिष्ट में दूषित डिस्पोजेबल प्लास्टिक वस्तुएँ, जैसे ट्यूबिंग, अंतःशिरा नलिकाएँ, कैथेटर, मूत्र बैग और बिना सुई की सीरिंज, शामिल होती हैं।
व्याख्या
लाल श्रेणी की पहचान दूषित लेकिन पुनर्चक्रण योग्य जैव-चिकित्सा अपशिष्ट से होती है, जो मुख्य रूप से डिस्पोजेबल प्लास्टिक वस्तुओं से बनता है। CPCB के दिशानिर्देशों में इस श्रेणी के उदाहरणों में ट्यूबिंग, बोतलें, अंतःशिरा नलिकाएँ और सेट, कैथेटर, मूत्र बैग तथा बिना सुई की सीरिंज दिए गए हैं। इसलिए विकल्प D सही है, क्योंकि इसमें ठीक इसी तरह की दूषित डिस्पोजेबल चिकित्सा वस्तुएँ हैं। इन्हें लाल रंग के बिना क्लोरीन वाले प्लास्टिक बैग और लाल कंटेनर में अलग रखा जाता है। ऐसे अपशिष्ट को ऑटोक्लेव करके पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाता है, इसलिए इसे सामान्य कागज, भोजन या कांच के कचरे से अलग समझना जरूरी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कागज कचरा लाल श्रेणी की दूषित डिस्पोजेबल प्लास्टिक चिकित्सा वस्तुओं की CPCB सूची में नहीं आता; यह सामान्य सूखे कचरे जैसा है।
- (B) खाद्य अपशिष्ट उपचार या निदान से बने दूषित डिस्पोजेबल जैव-चिकित्सा प्लास्टिक अपशिष्ट जैसा नहीं है।
- (C) कांच की बोतलें लाल श्रेणी की प्लास्टिक-प्रधान दूषित पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं में नहीं आतीं; CPCB वर्गीकरण में दूषित या फेंका गया कांच अलग नीली श्रेणी में रखा गया है।
अवधारणा
जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में रंग-कोड आधारित पृथक्करण जरूरी है। RAS में पर्यावरण और स्वास्थ्य-प्रशासन से जुड़े ऐसे नियम इसलिए दोहराए जाते हैं क्योंकि इनमें श्रेणी, उदाहरण और निपटान सीधे लागू होने वाले तथ्य होते हैं।
