RAS प्रश्न
रानीगंज कोयला क्षेत्र, भारत में व्यावसायिक रूप से दोहन किया गया पहला कोयला क्षेत्र, कहाँ है?
सही उत्तर: (C) पश्चिम बंगाल (बर्दवान या पश्चिम बर्दवान जिला)।
रानीगंज कोयला क्षेत्र भारत में व्यावसायिक रूप से दोहन किया गया पहला कोयला क्षेत्र है और यह पश्चिम बंगाल के बर्दवान/पश्चिम बर्दवान क्षेत्र में स्थित है।
व्याख्या
रानीगंज कोयला क्षेत्र की पहचान उसकी ऐतिहासिक शुरुआत से जुड़ी है। कोयला मंत्रालय के अनुसार भारत में व्यावसायिक कोयला खनन का आरंभ 1774 में ईस्ट इंडिया कंपनी के समनर और हीटली द्वारा दामोदर नदी के पश्चिमी तट के साथ रानीगंज कोयला क्षेत्र से हुआ। इसी कारण रानीगंज को भारत का पहला व्यावसायिक रूप से दोहन किया गया कोयला क्षेत्र माना जाता है। इसका स्थान पश्चिम बंगाल के बर्दवान/पश्चिम बर्दवान क्षेत्र से जुड़ता है। यहाँ मुख्यतः गैर-कोकिंग कोयला मिलता है और दामोदर घाटी भारत के सबसे केंद्रित कोयला भंडारों में से एक है, जिसमें रानीगंज और झरिया जैसे क्षेत्र आते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ओडिशा में तलचर जैसा प्रमुख कोयला क्षेत्र है, लेकिन रानीगंज कोयला क्षेत्र पश्चिम बंगाल से संबंधित है।
- (B) मध्य प्रदेश का संबंध सिंगरौली कोयला क्षेत्र से जोड़ा जाता है, जबकि 1774 में शुरू हुआ रानीगंज खनन पश्चिम बंगाल में है।
- (D) झारखंड में झरिया कोयला क्षेत्र दामोदर घाटी का प्रमुख क्षेत्र है, लेकिन रानीगंज का स्थान पश्चिम बंगाल के बर्दवान/पश्चिम बर्दवान क्षेत्र में है।
अवधारणा
भारत के खनिज संसाधनों में कोयला क्षेत्रों का स्थान और ऐतिहासिक महत्व दोनों अहम हैं। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे भूगोल को आर्थिक संसाधन और औपनिवेशिक कालीन औद्योगिक विकास से जोड़ते हैं।
