RAS प्रश्न
एचएफसी गैसों को चरणबद्ध तरीके से कम करने की व्यवस्था मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किस संशोधन में है?
सही उत्तर: (C) किगाली संशोधन।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत एचएफसी गैसों को चरणबद्ध तरीके से कम करने की व्यवस्था किगाली संशोधन में है।
व्याख्या
किगाली संशोधन 2016 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के पक्षकारों की किगाली बैठक में स्वीकार हुआ और इसी ने एचएफसी को नियंत्रित पदार्थों की सूची में जोड़कर उनके क्रमिक उपयोग-घटाव की समय-रेखा तय की। UNEP OzonAction के अनुसार एचएफसी ओज़ोन परत को नष्ट नहीं करते, लेकिन इनमें से कई गैसों की वैश्विक ताप क्षमता बहुत अधिक होती है; इसलिए उनका अनियंत्रित बढ़ना जलवायु-प्रयासों को कमजोर करता। देशों ने 2040 के दशक के अंत तक एचएफसी में 80-85% तक क्रमिक कमी की व्यवस्था मानी। भारत ने 2021 में इसकी पुष्टि की और 2047 तक एचएफसी उपभोग में बड़ी कमी की प्रतिबद्धता ली। इसलिए प्रश्न में पूछा गया संशोधन किगाली संशोधन ही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कोपेनहेगन संशोधन एचएफसी के चरणबद्ध घटाव से नहीं, बल्कि सीएफसी चरणबद्ध समाप्ति को कड़ा करने से जुड़ा था।
- (B) लंदन संशोधन का संबंध सीएफसी नियंत्रण से था, जबकि एचएफसी को नियंत्रित पदार्थों में जोड़ने और घटाने की व्यवस्था किगाली संशोधन में आई।
- (D) बीजिंग संशोधन एचसीएफसी से जुड़ा था; एचएफसी के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में अलग से किगाली संशोधन लागू हुआ।
अवधारणा
यह प्रश्न अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समझौतों में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और उसके संशोधनों की पहचान परखता है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि ओज़ोन संरक्षण और जलवायु-प्रभाव वाली गैसों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
