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RAS प्रश्न

चेन्नई में स्थित रामसर स्थल पल्लिकरनई मार्श के सामने प्राथमिक खतरा क्या है?

सही उत्तर: (B) शहरी अतिक्रमण और ठोस अपशिष्ट डालना।

चेन्नई के रामसर स्थल पल्लिकरनई मार्श के सामने मुख्य खतरा शहरी अतिक्रमण और ठोस कचरा डालना है।

  1. (A)

    भूकंप से क्षति

  2. (B)

    शहरी अतिक्रमण और ठोस अपशिष्ट डालना

  3. (C)

    हिमनदों का पिघलना

  4. (D)

    रेगिस्तान का विस्तार

व्याख्या

पल्लिकरनई मार्श चेन्नई में बची हुई प्राकृतिक आर्द्रभूमियों में से एक है और इसका रामसर स्थल क्षेत्र 1,247.5 हेक्टेयर बताया गया है। इसे 2022 में रामसर स्थल घोषित किया गया। इस मार्श पर खतरे चेन्नई के तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य से जुड़े हैं। शहरीकरण, विनाशकारी जमीन-भराई, ठोस और तरल कचरा डालना, निर्माण गतिविधियों से हुई टूट-फूट, मल-जल का बहाव और कचरा डालने की जगह ने इसकी पारिस्थितिकी को गंभीर नुकसान पहुँचाया। इसलिए यहाँ मुद्दा कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि शहर के फैलाव और कचरा-प्रबंधन से आया मानवीय दबाव है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) भूकंप क्षति मुख्य खतरा नहीं है; पल्लिकरनई मार्श को नुकसान शहरी दबाव, कचरे और मल-जल से जुड़ा है।
  • (C) हिमनद पिघलना चेन्नई जैसे तटीय शहर की इस आर्द्रभूमि पर लागू नहीं होता, क्योंकि यहाँ हिमनद मौजूद नहीं हैं।
  • (D) रेगिस्तान का विस्तार इस स्थल की समस्या नहीं है; पल्लिकरनई मार्श तटीय चेन्नई की आर्द्रभूमि है और इसका खतरा शहरीकरण तथा कचरे से जुड़ा है।

अवधारणा

यह प्रश्न आर्द्रभूमि संरक्षण और रामसर स्थलों पर मानवीय दबाव की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि पर्यावरण खंड में संरक्षित क्षेत्रों की स्थिति और उनके वास्तविक खतरे सीधे पूछे जाते हैं।

स्रोत

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