RAS प्रश्न
राजस्थान में सूची-1 के पंचायती राज निकायों को सूची-2 में दिए उनके अध्यक्ष या पीठासीन अधिकारी से मिलाइए: सूची-1: (क) ग्राम पंचायत (ख) पंचायत समिति (ग) जिला परिषद (घ) ग्राम सभा। सूची-2: (1) प्रधान (2) जिला प्रमुख (3) सरपंच (4) ग्राम के मतदाता, जहाँ कोई निर्वाचित अध्यक्ष नहीं होता।
सही उत्तर: (B) a-3, b-1, c-2, d-4।
राजस्थान में ग्राम पंचायत का प्रमुख सरपंच, पंचायत समिति का प्रमुख प्रधान, जिला परिषद का प्रमुख जिला प्रमुख होता है, जबकि ग्राम सभा पंचायत क्षेत्र के मतदाताओं से बनती है और उसका अलग निर्वाचित अध्यक्ष नहीं होता।
व्याख्या
पंचायती राज की 3 स्तरीय संरचना में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद अलग-अलग स्तर की संस्थाएं हैं, जबकि ग्राम सभा मतदाताओं का निकाय है। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में पंचायत के लिए सरपंच, पंचायत समिति के लिए प्रधान और जिला परिषद के लिए प्रमुख पद निर्धारित हैं। इसी अधिनियम में ग्राम सभा पंचायत क्षेत्र के गांव या गांवों की मतदाता-सूची में दर्ज व्यक्तियों से मिलकर बनती है। इसलिए सही मिलान है: ग्राम पंचायत-सर्पंच, पंचायत समिति-प्रधान, जिला परिषद-जिला प्रमुख और ग्राम सभा-ग्राम के मतदाता। ग्राम सभा को किसी अलग निर्वाचित अध्यक्ष वाले पद से नहीं मिलाना चाहिए; उसकी बैठक सरपंच या अनुपस्थिति में अन्य व्यवस्था से संचालित हो सकती है, पर वह स्वयं मतदाताओं की सभा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A में ग्राम पंचायत को प्रधान से जोड़ा गया है, जबकि प्रधान पंचायत समिति से जुड़ा पद है और ग्राम पंचायत का प्रमुख सरपंच होता है।
- (C) C में पंचायत समिति और जिला परिषद के पद उलट गए हैं; पंचायत समिति का प्रमुख प्रधान होता है और जिला परिषद का प्रमुख जिला प्रमुख होता है।
- (D) D में जिला प्रमुख को ग्राम पंचायत से और सरपंच को जिला परिषद से जोड़ दिया गया है, जबकि जिला प्रमुख जिला परिषद से और सरपंच ग्राम पंचायत से संबंधित होता है।
अवधारणा
राजस्थान की पंचायती राज संस्थाओं के पदनाम और ग्राम सभा की संरचना स्थानीय स्वशासन की बुनियादी समझ का हिस्सा हैं। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि स्थानीय स्वशासन, ग्रामीण प्रशासन और राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में इन पदों का सीधा महत्व है।
