RAS प्रश्न
इस्पात उत्पादन में आवश्यक मैंगनीज का मुख्य उत्पादन भारत के किन राज्यों में होता है?
सही उत्तर: (B) ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक।
भारत के प्रमुख मैंगनीज उत्पादक राज्यों में ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं; इसलिए RAS के इस भूगोल प्रश्न में यही सही समूह है।
व्याख्या
मैंगनीज को इस्पात से जोड़कर पढ़ा जाता है, क्योंकि भारतीय खान ब्यूरो इसे इस्पात निर्माण के लिए ज़रूरी कच्चा माल बताता है। यह इस्पात की मज़बूती, दृढ़ता और कठोरता बढ़ाता है, उसे ढालना आसान बनाता है तथा ऑक्सीजन और गंधक की अशुद्धियाँ दूर करने में मदद करता है। इंडियन मिनरल्स ईयरबुक 2019 में 2018-19 का मैंगनीज अयस्क उत्पादन 2,820 हज़ार टन दर्ज है। इस उत्पादन में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा की प्रमुख हिस्सेदारी थी, जबकि कर्नाटक भी उत्पादक राज्यों में शामिल था। देश के प्रमुख मैंगनीज क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की बालाघाट-छिंदवाड़ा-झाबुआ पट्टी, महाराष्ट्र की भंडारा-नागपुर पट्टी, ओडिशा के सुंदरगढ़-गंजाम-कोरापुट क्षेत्र और आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम-विशाखापत्तनम पट्टी शामिल हैं। इस्पात उद्योग में मैंगनीज अयस्क और फेरोमैंगनीज, दोनों का उपयोग होता है। इसलिए विकल्पों में ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक का समूह ही भारत के प्रमुख मैंगनीज उत्पादक क्षेत्रों से मेल खाता है। आंध्र प्रदेश भी मान्य उत्पादक है, लेकिन वह दिए गए सही समूह का हिस्सा नहीं है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भारत की प्रमुख मैंगनीज उत्पादक पट्टियों से बाहर हैं। राजस्थान में मैंगनीज संसाधन सीमित हैं और वह प्रमुख उत्पादक समूह का हिस्सा नहीं है।
- (C) केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल वाले समूह में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे प्रमुख मैंगनीज उत्पादक राज्य नहीं हैं, जबकि सही समूह में कर्नाटक भी शामिल है।
- (D) असम, मेघालय और त्रिपुरा पूर्वोत्तर भारत का समूह बनाते हैं, जबकि भारत के प्रमुख मैंगनीज उत्पादक क्षेत्र मध्य, पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और कर्नाटक—में हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न भारत की खनिज पट्टियों के आर्थिक भूगोल, खासकर अलौह और मिश्रधातु खनिजों के वितरण, की समझ जाँचता है। इसमें भौतिक भूगोल को उद्योग, इस्पात उत्पादन और अलग-अलग राज्यों में खनिज संसाधनों के वितरण से जोड़ा जाता है; इसी कारण यह संबंध RAS के लिए महत्वपूर्ण है।
