RAS प्रश्न
लैटेराइट मिट्टी मुख्य रूप से कहाँ पाई जाती है:
सही उत्तर: (A) भारी वर्षा वाले ऊँचे पठारी क्षेत्रों में।
लैटेराइट मिट्टी मुख्य रूप से भारी वर्षा वाले ऊँचे पठारी क्षेत्रों में पाई जाती है।
व्याख्या
लैटेराइट मिट्टी का संबंध ऐसे उष्ण और उपोष्ण क्षेत्रों से है जहाँ गीले और सूखे मौसम बारी-बारी से आते हैं। भारी वर्षा के कारण मिट्टी में तीव्र अपक्षालन होता है; इसी से यह मिट्टी सामान्यतः अम्लीय और पौधों के पोषक तत्वों में कमजोर हो जाती है। भारत में इसका प्रमुख वितरण पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट के पठारी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में है, इसलिए भारी वर्षा वाले ऊँचे पठारी क्षेत्र इसके मुख्य क्षेत्र हैं। NCERT के अनुसार यह मिट्टी पश्चिमी घाट क्षेत्र, दक्षिणी राज्यों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ भागों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मिलती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) मरुस्थलीय सीमाएँ शुष्क दशाओं से जुड़ी होती हैं, जबकि लैटेराइट मिट्टी भारी वर्षा से होने वाले तीव्र अपक्षालन में बनती है।
- (C) 5000 मीटर से ऊपर पर्वत शिखरों पर सामान्यतः मिट्टी के बजाय हिम-प्रधान दशाएँ मिलती हैं, जबकि लैटेराइट मिट्टी भारी वर्षा वाले पठारी क्षेत्रों से संबंधित है।
- (D) नदी के बाढ़ मैदानों में जलोढ़ मिट्टी प्रमुख होती है, जबकि लैटेराइट मिट्टी ऊँचे पठारों और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में बनती है।
अवधारणा
भारत की मिट्टियों में लैटेराइट मिट्टी के गठन-कारक और वितरण का संबंध जलवायु और स्थलरूप से है। RAS में मिट्टी का अध्ययन जलवायु, स्थलरूप और क्षेत्रीय वितरण के आपसी संबंधों के साथ किया जाता है।
