RAS प्रश्न
ला नीना की विशेषता है:
सही उत्तर: (A) पूर्वी प्रशांत महासागर के जल का असामान्य शीतलन।
ला नीना की मुख्य विशेषता मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतही तापमान का असामान्य रूप से ठंडा होना है।
व्याख्या
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार एल नीनो और ला नीना एल नीनो-दक्षिणी दोलन के दो विपरीत चरण हैं, जिनमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के समुद्री तापमान और ऊपर के वायुमंडल में बदलाव साथ-साथ देखे जाते हैं। एल नीनो गर्म चरण है, जबकि ला नीना ठंडा चरण है। ला नीना के लिए सही संकेत “पूर्वी प्रशांत महासागर के जल का असामान्य शीतलन” है। ला नीना, एल नीनो का उल्टा प्रभाव दिखाती है; यह सामान्यतः भारतीय मानसून को मजबूत करती है और सामान्य से अधिक वर्षा से जुड़ सकती है। यही कारण है कि RAS में इसे केवल महासागरीय घटना नहीं, बल्कि मानसून और जलवायु-प्रभाव वाले विषय के रूप में पूछा जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) ला नीना का “कोई प्रभाव नहीं” होना गलत है, क्योंकि यह भारतीय मानसून को मजबूत करने और अधिक वर्षा से जुड़ सकती है।
- (C) आर्कटिक का तापन ला नीना की परिभाषा नहीं है; विश्व मौसम विज्ञान संगठन इसे मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के असामान्य ठंडे समुद्री सतही तापमान से जोड़ता है।
- (D) प्रशांत का तापन ला नीना नहीं है, क्योंकि विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार गर्म चरण एल नीनो है और ला नीना ठंडा चरण है।
अवधारणा
एल नीनो-दक्षिणी दोलन, महासागर-वायुमंडल अंतःक्रिया और भारतीय मानसून पर उसके प्रभाव की बुनियादी समझ भारतीय भूगोल में जरूरी है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि मानसूनी वर्षा और जलवायु-प्रभाव वाले प्रश्न भारतीय भूगोल के स्थायी हिस्से हैं।
