RAS प्रश्न
काल बैसाखी (नॉरवेस्टर) क्या है:
सही उत्तर: (D) अप्रैल-मई में पूर्वोत्तर भारत और बंगाल में भीषण तूफ़ान।
काल बैसाखी या नॉरवेस्टर अप्रैल-मई में पूर्वोत्तर भारत और बंगाल क्षेत्र में आने वाले तेज गरज-आंधी वाले तूफान हैं।
व्याख्या
काल बैसाखी को नॉरवेस्टर भी कहा जाता है, क्योंकि ये तीव्र गरज-आंधी वाले तूफान सामान्यतः उत्तर-पश्चिम दिशा से आते हैं। इनका प्रभाव अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में दिखता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अगरतला विशेष प्रतिवेदन में मार्च, अप्रैल और मई को प्री-मानसून ऋतु माना गया है; पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में इस मौसम में गरज-तूफान की गतिविधि बढ़ती है, और इन्हीं घटनाओं को नॉरवेस्टर या काल बैसाखी कहा जाता है। इसलिए विकल्प D सही है। ये तूफान चाय और औस-बोरो जैसे वसंतकालीन धान के लिए लाभकारी माने जाते हैं, और असम में इन्हें बोरदोईचिला कहा जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मानसून शुरुआत के तूफान कहना गलत है, क्योंकि काल बैसाखी मार्च-अप्रैल-मई की प्री-मानसून गरज-आंधी गतिविधि से जुड़ी है।
- (B) पंजाब के शीतकालीन तूफान गलत क्षेत्र और गलत मौसम बताते हैं, जबकि काल बैसाखी पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में अप्रैल-मई की घटना है।
- (C) अरब सागर के चक्रवात कहना गलत है, क्योंकि काल बैसाखी समुद्री चक्रवात नहीं, बल्कि स्थल-क्षेत्रों में होने वाली तेज गरज-आंधी है।
अवधारणा
भारत की प्री-मानसून स्थानीय पवनों और मौसमी आपदाओं में काल बैसाखी की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है, क्योंकि इससे क्षेत्र, ऋतु, स्थानीय नाम और कृषि-प्रभाव को साथ जोड़कर पूछा जा सकता है।
