RAS प्रश्न
झूम खेती (स्थानांतरी कृषि) कहाँ प्रचलित है:
सही उत्तर: (D) भारत के पूर्वोत्तर राज्य।
झूम खेती, यानी कर्तन-दहन आधारित स्थानांतरी कृषि, भारत में मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में प्रचलित है।
व्याख्या
NCERT के कृषि अध्याय में झूमिंग को कर्तन-दहन खेती कहा गया है और इसे असम, मेघालय, मिजोरम तथा नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ा गया है; मणिपुर में इसी पद्धति के लिए पामलू नाम भी दिया गया है। झूम खेती में किसान जमीन का एक टुकड़ा साफ कर खेती करते हैं, और जब मिट्टी की उर्वरता घटती है तो वे दूसरा टुकड़ा साफ कर लेते हैं ताकि पहले क्षेत्र की उर्वरता प्रकृति से लौट सके। इसी कारण झूम खेती/स्थानांतरी कृषि की मुख्य भौगोलिक पहचान पूर्वोत्तर भारत है, जबकि बेवार/दहिया, पोडू और कुमारी जैसे नाम अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की खेती के स्थानीय नाम हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पंजाब और हरियाणा झूमिंग वाले क्षेत्र नहीं हैं; कर्तन-दहन आधारित स्थानांतरी खेती की मुख्य पहचान पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ती है।
- (B) राजस्थान सही विकल्प नहीं है, क्योंकि NCERT झूमिंग को पूर्वोत्तर क्षेत्र से जोड़ती है; दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में इसी तरह की खेती के लिए वलरे/वाल्टरे जैसे स्थानीय नाम मिलते हैं।
- (C) केरल सही उत्तर नहीं है, क्योंकि झूम/स्थानांतरी खेती की मुख्य पहचान पूर्वोत्तर राज्यों से है, बागानी कृषि वाले क्षेत्र से नहीं।
अवधारणा
RAS में भारतीय कृषि की स्थानांतरी खेती और उसके क्षेत्रीय नामों की समझ बार-बार काम आती है, क्योंकि एक ही खेती-पद्धति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग नामों से पूछी जाती है।
