RAS प्रश्न
कर्नाटक में लौह अयस्क के भंडार मुख्य रूप से किस जिले में पाए जाते हैं?
सही उत्तर: (A) बेल्लारी (बल्लारी)।
कर्नाटक में लौह अयस्क के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से बेल्लारी (बल्लारी) जिले में पाए जाते हैं।
व्याख्या
बेल्लारी (बल्लारी) जिला कर्नाटक के लौह अयस्क भूगोल में मुख्य स्थान रखता है, क्योंकि यहां राज्य के बड़े लौह अयस्क भंडार मिलते हैं। बल्लारी जिले के सरकारी विवरण में जिले को खनिज संसाधनों से समृद्ध बताया गया है और धात्विक खनिजों में लौह अयस्क का स्पष्ट उल्लेख है। धात्विक खनिजों की खनन गतिविधि मुख्य रूप से सैंडूर, होसपेट और बल्लारी तालुकों में केंद्रित है। इसलिए प्रश्न में जिले की पहचान पूछी गई है, न कि केवल किसी खान या शहर की; इस स्तर पर सही उत्तर बेल्लारी (बल्लारी) है। सैंडूर और होसपेट क्षेत्र इसी जिले के प्रमुख खनन केंद्र हैं, और कर्नाटक भारत के प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक राज्यों में गिना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) मैसूरु लौह अयस्क के प्रमुख भंडार या खनन क्षेत्र के रूप में नहीं आता है।
- (C) मंगलुरु बंदरगाह नगर के रूप में जाना जाता है, जबकि लौह अयस्क से जुड़ी खनन गतिविधि बल्लारी जिले के सैंडूर, होसपेट और बल्लारी क्षेत्रों में केंद्रित है।
- (D) बेंगलुरु शहरी एक नगरीय और प्रौद्योगिकी केंद्र है; लौह अयस्क भंडार का केंद्र बेल्लारी जिला है, बेंगलुरु शहरी नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न भारत के खनिज संसाधन और प्रमुख खनन क्षेत्रों की स्थानिक पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि राज्य, जिला और संसाधन के संबंध को सीधे नक्शा-आधारित भूगोल से जोड़ा जाता है।
