RAS प्रश्न
भारत के सिंचाई स्रोत — सबसे बड़ा स्रोत है:
सही उत्तर: (A) ट्यूबवेल और बोरवेल (लगभग 46%)।
भारत में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत ट्यूबवेल और बोरवेल हैं, जो शुद्ध सिंचित क्षेत्र का लगभग 46% हिस्सा देते हैं।
व्याख्या
भारत में सिंचाई के स्रोतों को समझते समय असली फर्क सतही जल और भूजल-आधारित सिंचाई के बीच है। स्रोतवार सिंचित क्षेत्र नहर, तालाब, कुआँ, ट्यूबवेल और अन्य श्रेणियों में बँटा है; इनमें ट्यूबवेल का क्षेत्र सबसे अधिक है। ट्यूबवेल और बोरवेल भारत के शुद्ध सिंचित क्षेत्र का लगभग 46% हिस्सा देते हैं। नहरें इसके बाद आती हैं, फिर कुएँ और तालाब बहुत छोटे हिस्से में आते हैं। सबसे बड़ा सिंचाई स्रोत परिचित नाम से नहीं, बल्कि स्रोतवार हिस्सेदारी से तय होता है। यही वजह है कि भूजल ह्रास भी इस विषय में महत्वपूर्ण चिंता बन जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) तालाबों का हिस्सा लगभग 3% है, इसलिए वे भारत के सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत नहीं हो सकते।
- (C) सीधे नदियाँ स्रोतवार वर्गीकरण में सबसे बड़े अलग स्रोत के रूप में नहीं आतीं; सिंचाई में नदियों से जुड़ी आपूर्ति मुख्यतः नहरों जैसी श्रेणी में समझी जाती है।
- (D) नहरें लगभग 24% हिस्से के साथ महत्वपूर्ण स्रोत हैं, लेकिन ट्यूबवेल और बोरवेल के लगभग 46% हिस्से से कम हैं।
अवधारणा
भारतीय कृषि भूगोल में सिंचाई के स्रोत और भूजल-निर्भरता की समझ जरूरी है। RAS में यह क्षेत्र बार-बार आता है क्योंकि सिंचाई, कृषि उत्पादकता और भूजल संकट सीधे नीति और क्षेत्रीय भूगोल से जुड़े हैं।
