RAS प्रश्न
भारत को अधिकांश वर्षा किससे मिलती है:
सही उत्तर: (A) दक्षिण-पश्चिम मानसून (वार्षिक वर्षा का लगभग 70-80%)।
भारत को अपनी वार्षिक वर्षा का सबसे बड़ा हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है, जो लगभग 75% वर्षा देता है।
व्याख्या
भारत की वर्षा व्यवस्था में दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्णायक है, क्योंकि जून से सितंबर की इसी मानसूनी अवधि में वार्षिक वर्षा का लगभग 75% भाग आता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 रिपोर्ट भी बताती है कि भारत की सालाना वर्षा का लगभग 75% मानसून के दौरान होता है और यह वर्षा कृषि तथा अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। इसलिए दिए गए विकल्पों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ही मुख्य स्रोत है। उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान लगभग 10-15% है और वह मुख्यतः तमिलनाडु से जुड़ा है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात बाकी वर्षा में सीमित, अवसर-विशेष भूमिका रखते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) उत्तर-पूर्व मानसून भारत की वार्षिक वर्षा का केवल लगभग 10-15% देता है और उसका प्रभाव मुख्यतः तमिलनाडु तक केंद्रित माना गया है।
- (C) उष्णकटिबंधीय चक्रवात वर्षा ला सकते हैं, पर वे अवसर-विशेष घटनाएं हैं; भारत की सालाना वर्षा का मुख्य, नियमित स्रोत नहीं हैं।
- (D) पश्चिमी विक्षोभ का योगदान लगभग 5-10% तक सीमित बताया गया है, इसलिए वे दक्षिण-पश्चिम मानसून की तरह प्रमुख वर्षा स्रोत नहीं हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय जलवायु में मानसून के स्रोत और मौसमी वितरण की समझ जांचता है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि कृषि, जल-संसाधन और क्षेत्रीय जलवायु की बुनियाद इसी मानसूनी वर्षा पर टिकती है।
