RAS प्रश्न
फरक्का बैराज गंगा नदी पर बना है। इसका प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर: (B) गंगा जल को हुगली नदी में मोड़कर गाद हटाना और कोलकाता बंदरगाह की नौपरिवहन क्षमता बनाए रखना।
फरक्का बैराज का प्राथमिक उद्देश्य गंगा का पानी भागीरथी-हुगली नदी तंत्र में मोड़कर गाद हटाने और कोलकाता बंदरगाह की नौपरिवहन क्षमता बनाए रखने में मदद करना है।
व्याख्या
फरक्का बैराज 1975 में चालू हुआ था और इसका मुख्य काम बिजली बनाना या बाढ़ रोकना नहीं, बल्कि गंगा के पानी को फीडर नहर के जरिए भागीरथी-हुगली नदी तंत्र में भेजना है। हेड रेगुलेटर गंगा का पानी फीडर नहर में मोड़ता है और यह नहर पानी को भागीरथी-हुगली तंत्र में ले जाती है, मुख्यतः कोलकाता बंदरगाह के संरक्षण के लिए। इसलिए इसका मुख्य उद्देश्य गाद हटाने और बंदरगाह की नौपरिवहन क्षमता बनाए रखने से जुड़ता है। भारत-बांग्लादेश जल बंटवारे का विवाद भी इसी मोड़ने वाली व्यवस्था से जुड़ा रहा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह विकल्प गलत है क्योंकि फरक्का बैराज मुख्यतः जलविद्युत परियोजना नहीं, बल्कि गंगा जल को भागीरथी-हुगली तंत्र में मोड़ने वाली व्यवस्था है।
- (C) यह विकल्प गलत है क्योंकि फरक्का बैराज का उद्देश्य बांग्लादेश को पेयजल देना नहीं, बल्कि गंगा का पानी हुगली की ओर मोड़ना है।
- (D) यह विकल्प गलत है क्योंकि फरक्का बैराज का प्राथमिक उद्देश्य बिहार और पश्चिम बंगाल में बाढ़ नियंत्रण नहीं, बल्कि कोलकाता बंदरगाह से जुड़ी नौपरिवहन क्षमता बनाए रखना है।
अवधारणा
भारतीय नदी परियोजनाओं और बंदरगाह-आधारित नदी प्रबंधन में फरक्का बैराज एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। RAS में ऐसे विषय बार-बार आते हैं क्योंकि वे नदी, नहर, बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय जल-विवाद को एक साथ जोड़ते हैं।
