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RAS प्रश्न

पर्यावरणीय डीएनए, जिसे ईडीएनए कहा जाता है, संरक्षण में किस काम आता है?

सही उत्तर: (D) उन्हें देखे बिना जल या मिट्टी के नमूनों से किसी प्रजाति की मौजूदगी का पता लगाना।

पर्यावरणीय डीएनए संरक्षण में जल या मिट्टी के नमूनों से, प्रजाति को सीधे देखे बिना, उसकी उपस्थिति पहचानने के लिए उपयोग होता है।

  1. (A)

    प्रजातियों का आनुवंशिक संशोधन

  2. (B)

    नई प्रजातियां बनाना

  3. (C)

    विलुप्त प्रजातियों की क्लोनिंग

  4. (D)

    उन्हें देखे बिना जल या मिट्टी के नमूनों से किसी प्रजाति की मौजूदगी का पता लगाना

व्याख्या

पर्यावरणीय डीएनए यानी ईडीएनए वह आनुवंशिक सामग्री है जो जीव अपने आसपास के वातावरण में छोड़ते हैं। यह सामग्री जल, मिट्टी, पानी या तलछट जैसे पर्यावरणीय नमूनों में मिल सकती है; NOAA Ocean Exploration के अनुसार जीव ऐसी सामग्री अपने आसपास के वातावरण में छोड़ते हैं। संरक्षण में इसका महत्व इसलिए है कि वैज्ञानिक नमूने इकट्ठे कर उनका विश्लेषण करके किसी वातावरण में मौजूद प्रजातियों की पहचान कर सकते हैं, भले ही वे प्रजातियाँ सीधे दिखाई न दें। इसी कारण यह दुर्लभ, छिपी रहने वाली या आक्रामक प्रजातियों की निगरानी में उपयोगी है और जैव विविधता निगरानी को अधिक प्रभावी बनाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) प्रजातियों का आनुवंशिक संशोधन ईडीएनए का काम नहीं है, क्योंकि यहाँ जीवों को बदला नहीं जाता बल्कि उनके छोड़े हुए डीएनए से उपस्थिति पहचानी जाती है।
  • (B) ईडीएनए नई प्रजातियाँ बनाने की प्रक्रिया नहीं है; यह पहले से मौजूद प्रजातियों की पहचान के लिए पर्यावरणीय नमूनों का विश्लेषण करता है।
  • (C) विलुप्त प्रजातियों की क्लोनिंग में जीव को पुनः पैदा करने जैसी अलग प्रक्रिया शामिल होगी, जबकि ईडीएनए संरक्षण में प्रजाति की उपस्थिति का पता लगाने तक सीमित है।

अवधारणा

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में जैव विविधता निगरानी की तकनीकें RAS के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। RAS में संरक्षण, आक्रामक प्रजाति और निगरानी-तकनीकें बार-बार प्रासंगिक रहती हैं क्योंकि ये समसामयिक पर्यावरणीय शासन से जुड़ती हैं।

स्रोत

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