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RAS प्रश्न

कोरिओलिस प्रभाव किसका कारण बनता है?

सही उत्तर: (D) उत्तरी गोलार्ध में हवाओं का दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपण।

कोरिओलिस प्रभाव पृथ्वी के घूर्णन के कारण गतिमान हवाओं को उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित करता है।

  1. (A)

    सभी क्षेत्रों में तूफान

  2. (B)

    हवाओं का हमेशा पश्चिम से पूर्व चलना

  3. (C)

    भूमध्य रेखा पर कोई विक्षेपण नहीं

  4. (D)

    उत्तरी गोलार्ध में हवाओं का दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपण

व्याख्या

कोरिओलिस प्रभाव हवा की दिशा से जुड़ा मूल सिद्धांत है। NCERT के अनुसार पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन हवा की दिशा को प्रभावित करता है और इसी से लगने वाले बल को कोरिओलिस बल कहा जाता है। यह हवा को उत्तरी गोलार्ध में दाईं दिशा में और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं दिशा में मोड़ता है। विक्षेपण हवा के वेग और अक्षांश से जुड़ा है: हवा तेज हो तो विक्षेपण अधिक होता है, यह बल ध्रुवों पर अधिकतम और भूमध्य रेखा पर अनुपस्थित होता है। इसलिए भूमध्य रेखा के पास निम्न दाब तीव्र होकर उष्णकटिबंधीय चक्रवात नहीं बनाता। इसी कारण विकल्प D सही है: कोरिओलिस प्रभाव का मुख्य प्रभाव दोनों गोलार्धों में हवाओं का विपरीत दिशा में विक्षेपण है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) सभी क्षेत्रों में तूफान कहना गलत है, क्योंकि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के लिए कोरिओलिस बल जरूरी दशाओं में आता है, लेकिन यह हर क्षेत्र में तूफानों का सार्वभौमिक कारण नहीं होता।
  • (B) हवाएं हमेशा पश्चिम से पूर्व नहीं चलतीं, क्योंकि NCERT के अनुसार हवा की दिशा दबाव-प्रवणता, घर्षण और कोरिओलिस बल के संयुक्त प्रभाव से तय होती है।
  • (C) भूमध्य रेखा पर कोरिओलिस बल का अनुपस्थित होना सही तथ्य है, लेकिन कोरिओलिस प्रभाव का मुख्य असर दोनों गोलार्धों में हवा का विपरीत दिशा में विक्षेपण है।

अवधारणा

भौतिक भूगोल में वायुमंडलीय परिसंचरण और पवनों की दिशा को नियंत्रित करने वाले बल महत्वपूर्ण अवधारणाएं हैं। RAS में यह अवधारणा मानसून, चक्रवात और पवन-प्रणालियों की व्याख्या में बार-बार काम आती है।

स्रोत

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