RAS प्रश्न
ई-कचरे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ई-कचरा दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती ठोस अपशिष्ट श्रेणियों में से एक है। 2. बेसल प्रतिबंध संशोधन, अनुलग्नक 7 पक्षों से गैर-अनुलग्नक 7 राज्यों को खतरनाक ई-कचरे के निर्यात पर रोक लगाता है। 3. भारत दुनिया में सबसे अधिक ई-कचरा पैदा करने वाले देशों में शामिल है। 4. ई-कचरे में केवल प्लास्टिक और कांच जैसी गैर-खतरनाक सामग्री होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
सही उत्तर: (B) केवल 1, 2 और 3।
ई-कचरे से जुड़े 1, 2 और 3 सही हैं, क्योंकि यह तेजी से बढ़ती ठोस कचरा श्रेणी है, बेसल प्रतिबंध संशोधन खतरनाक ई-कचरे के ऐसे निर्यात को रोकता है, और भारत बड़े ई-कचरा उत्पादक देशों में आता है।
व्याख्या
कथन 1 सही है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ई-कचरे को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती ठोस कचरा श्रेणियों में गिनता है। कथन 2 भी सही है: बेसल प्रतिबंध संशोधन के तहत अनुलग्नक 7 में शामिल पक्षों से गैर-अनुलग्नक 7 राज्यों को खतरनाक कचरे के पार-सीमा गमन पर रोक लगती है; WHO इसे खतरनाक ई-कचरे सहित समझाता है। कथन 3 सही है, क्योंकि वैश्विक ई-कचरा मॉनिटर 2024 भारत को बड़े ई-कचरा उत्पादकों में रखता है। कथन 4 गलत है: ई-कचरा केवल प्लास्टिक और कांच नहीं होता; उसमें सीसा, पारा और ब्रोमीनयुक्त ज्वाला-मंदक जैसे खतरनाक पदार्थ हो सकते हैं। इसलिए सही संयोजन 1, 2 और 3 है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि यह कथन 2 को छोड़ देता है, जबकि बेसल प्रतिबंध संशोधन खतरनाक कचरे, जिसमें खतरनाक ई-कचरा भी शामिल है, के ऐसे निर्यात पर रोक से जुड़ा है।
- (C) C गलत है, क्योंकि इसमें कथन 4 शामिल है, जबकि ई-कचरे में सीसा, पारा और ब्रोमीनयुक्त ज्वाला-मंदक जैसे खतरनाक पदार्थ हो सकते हैं।
- (D) D गलत है, क्योंकि यह सभी कथनों को सही मानता है, जबकि कथन 4 ई-कचरे को केवल गैर-खतरनाक पदार्थों तक सीमित बताकर उसके खतरे को गलत ढंग से घटाता है।
अवधारणा
पर्यावरणीय प्रदूषण, खतरनाक कचरा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संधियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। RAS तैयारी में स्थानीय कचरा-प्रबंधन मुद्दों, वैश्विक नियमों और भारत की स्थिति का आपसी संबंध महत्वपूर्ण रहता है।
