RAS प्रश्न
भारत में शीत लहरें किससे होती हैं?
सही उत्तर: (D) मध्य एशिया से ठंडी हवा का प्रवाह और पश्चिमी विक्षोभ।
भारत में शीत लहरें मुख्यतः मध्य एशिया और साइबेरिया से आने वाली ठंडी, शुष्क हवा तथा पश्चिमी विक्षोभों से जुड़ी ठंडी हवा के प्रभाव से होती हैं।
व्याख्या
शीत लहर का मूल कारण तापमान का अचानक और स्पष्ट गिरना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तरी अक्षांशों से ठंडी हवा उत्तर-पश्चिम भारत में घुसती है और उत्तर भारत की शीत लहरें अक्सर पश्चिमी विक्षोभों के गुजरने से जुड़ी रहती हैं, क्योंकि वे ऊपरी पछुआ पवनों के साथ ठंडी हवा को भारत की ओर ला सकते हैं। मध्य एशियाई और साइबेरियाई प्रतिचक्रवातों से निकली ठंडी, शुष्क हवा भारत-गंगा मैदान तक पहुँचकर तापमान में तेज गिरावट ला सकती है। मैदानी क्षेत्रों में IMD का मानदंड न्यूनतम तापमान ≤10°C और सामान्य से कम-से-कम -4.5°C विचलन है; -6.5°C या उससे अधिक गिरावट पर स्थिति तीव्र मानी जाती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ज्वालामुखी विस्फोट भारत में दिसंबर-फरवरी की नियमित शीत लहरों का प्रत्यक्ष मौसमीय कारण नहीं है; प्रमुख कारण उत्तरी अक्षांशों से आने वाली ठंडी हवा का प्रवेश है।
- (B) वनों की कटाई स्थानीय पर्यावरण को प्रभावित कर सकती है, पर शीत लहर का सीधा कारण ठंडी, शुष्क हवा का प्रवाह और पश्चिमी विक्षोभ हैं।
- (C) अल नीनो का प्रभाव सामान्यतः मानसून से जोड़ा जाता है, जबकि शीत लहर में उत्तरी ठंडी हवा और पश्चिमी विक्षोभों की भूमिका प्रमुख होती है।
अवधारणा
भारत की शीतकालीन मौसम-प्रणालियों में पछुआ पवनों और पश्चिमी विक्षोभों की भूमिका महत्वपूर्ण है। RAS में यह क्षेत्र इसलिए बार-बार महत्व रखता है क्योंकि राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत शीत लहर से सीधे प्रभावित क्षेत्र हैं।
