RAS प्रश्न
छत्तीसगढ़ के लौह अयस्क भंडार मुख्य रूप से किस क्षेत्र में पाए जाते हैं?
सही उत्तर: (C) बैलाडीला पहाड़ियाँ (दंतेवाड़ा जिला)।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख लौह अयस्क भंडार दंतेवाड़ा जिले की बैलाडीला पहाड़ियों में पाए जाते हैं।
व्याख्या
बैलाडीला पहाड़ियाँ, दंतेवाड़ा जिला, छत्तीसगढ़ के लौह अयस्क का मुख्य क्षेत्र हैं। भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार राज्य का लौह अयस्क मुख्य रूप से हेमेटाइट से जुड़ा है और दंतेवाड़ा जिले का बैलाडीला भंडार एक महत्त्वपूर्ण लौह अयस्क क्षेत्र है। बैलाडीला भंडार भारत के समृद्ध भंडारों में गिने जाते हैं और यहाँ उच्च श्रेणी का हेमेटाइट अयस्क मिलता है। NMDC यहाँ प्रमुख खदानें संचालित करता है। छत्तीसगढ़ में मुख्य लौह अयस्क क्षेत्र किसी शहर या सामान्य जिले के बजाय बैलाडीला पहाड़ियाँ हैं। यहाँ का अयस्क विशाखापत्तनम बंदरगाह से निर्यात किया जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कोरबा कोयला और ताप विद्युत के लिए जाना जाता है, इसलिए यह छत्तीसगढ़ के मुख्य लौह अयस्क भंडारों का क्षेत्र नहीं है।
- (B) रायपुर राजधानी है, जबकि छत्तीसगढ़ का मुख्य लौह अयस्क क्षेत्र बैलाडीला, दंतेवाड़ा है। भारतीय खान ब्यूरो भी बैलाडीला, दंतेवाड़ा को लौह अयस्क क्षेत्र के रूप में दर्ज करता है।
- (D) बिलासपुर कोयले से जुड़ा क्षेत्र है, जबकि मुख्य लौह अयस्क क्षेत्र बैलाडीला पहाड़ियाँ हैं।
अवधारणा
भारत के खनिज संसाधनों में लौह अयस्क का क्षेत्रीय वितरण आर्थिक भूगोल का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। RAS में खनिज, उद्योग और परिवहन-निर्यात संपर्क से जुड़े तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
