RAS प्रश्न
भारत के बफर स्टॉक मानकों के अनुसार कितना भंडार रखना आवश्यक है?
सही उत्तर: (C) प्रत्येक वर्ष अप्रैल में न्यूनतम 2.104 करोड़ टन खाद्यान्न (चावल + गेहूँ)।
भारत में बफर स्टॉक मानकों के अनुसार प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को चावल और गेहूं का न्यूनतम कुल भंडार 2.104 करोड़ टन होना चाहिए।
व्याख्या
बफर स्टॉक ऐसा सरकारी खाद्यान्न भंडार है जो खाद्य सुरक्षा, कीमतों को स्थिर रखने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जरूरत पूरी करने के लिए रखा जाता है। PIB के चावल और गेहूं केंद्रीय पूल मानकों में 1 अप्रैल को 2.104 करोड़ टन, 1 जुलाई को 4.112 करोड़ टन, 1 अक्टूबर को 3.077 करोड़ टन और 1 जनवरी को 2.141 करोड़ टन तिमाही भंडार निर्धारित है। इसलिए अप्रैल वाला न्यूनतम खाद्यान्न भंडार 2.104 करोड़ टन है। FCI अपने गोदामों में इस भंडार का प्रबंधन करता है। कई बार वास्तविक भंडार मानक से अधिक हो जाता है, जिससे भंडारण और खराबी की समस्या उठती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 10 करोड़ टन अप्रैल के लिए निर्धारित मानक नहीं है; PIB के 1 अप्रैल मानक में चावल और गेहूं का कुल भंडार 2.104 करोड़ टन है।
- (B) 10 लाख टन बहुत कम संख्या है; अप्रैल के लिए न्यूनतम कुल खाद्यान्न भंडार 2.104 करोड़ टन है।
- (D) कोई बफर आवश्यक नहीं कहना उल्टा है, क्योंकि भारत खाद्य सुरक्षा, कीमतों की स्थिरता और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चावल और गेहूं का बफर स्टॉक रखता है।
अवधारणा
भारत की खाद्य सुरक्षा और कृषि-भंडारण नीति में बफर स्टॉक मानकों की समझ जरूरी है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि यह खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सरकारी हस्तक्षेप को एक साथ जोड़ता है।
