RAS प्रश्न
ब्लू हाइड्रोजन, ग्रे हाइड्रोजन से किस प्रकार भिन्न है?
सही उत्तर: (A) इसमें प्राकृतिक गैस रिफॉर्मिंग से निकलने वाली CO2 को पकड़कर संग्रहित किया जाता है।
ब्लू हाइड्रोजन भी प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म स्रोतों से बनती है, लेकिन कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए इसमें कार्बन को पकड़कर उसका भंडारण या उपयोग करने वाली तकनीकें जोड़ी जाती हैं।
व्याख्या
ग्रे हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस या मीथेन की स्टीम मीथेन रिफॉर्मिंग जैसी जीवाश्म-ईंधन आधारित प्रक्रियाओं से बनती है, जिनमें कार्बन उत्सर्जन अधिक होता है। ब्लू हाइड्रोजन में यही जीवाश्म स्रोत रहते हैं, लेकिन कार्बन को पकड़ने की तकनीक जोड़ दी जाती है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुसार, प्राकृतिक गैस या कोयला गैसीकरण से हाइड्रोजन बनाते समय कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए कार्बन को पकड़कर उसका भंडारण या उपयोग किया जाता है। इसलिए निर्णायक अंतर नवीकरणीय बिजली या जल का विद्युत-अपघटन नहीं, बल्कि जीवाश्म स्रोत से उत्पादन के दौरान निकली CO2 को पकड़कर उसका भंडारण या उपयोग करना है। सौर या पवन ऊर्जा से जल का विद्युत-अपघटन करके बनी हाइड्रोजन अलग श्रेणी, यानी ग्रीन हाइड्रोजन, में आती है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) सौर ऊर्जा से जल का विद्युत-अपघटन करके बनी हाइड्रोजन ग्रीन हाइड्रोजन होती है, ब्लू हाइड्रोजन नहीं। यहाँ पहचान नवीकरणीय बिजली से होती है, प्राकृतिक गैस से उत्पादन के साथ कार्बन पकड़ने से नहीं।
- (C) पवन ऊर्जा से जल का विद्युत-अपघटन करके बनी हाइड्रोजन भी ग्रीन श्रेणी में आती है। इससे ग्रे और ब्लू हाइड्रोजन का अंतर स्पष्ट नहीं होता, क्योंकि वह अंतर जीवाश्म स्रोत से उत्पादन में कार्बन पकड़ने की तकनीक जोड़ने से बनता है।
- (D) जल के विद्युत-अपघटन से बनी हाइड्रोजन को बिजली के स्रोत के अनुसार ग्रीन या पिंक श्रेणी में रखा जाता है। इसके विपरीत, ब्लू हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस या कोयला गैसीकरण से बनती है और इसमें कार्बन को पकड़कर उसका भंडारण या उपयोग किया जाता है।
अवधारणा
पर्यावरण और ऊर्जा बदलाव की नीतियों में हाइड्रोजन के रंग अलग-अलग उत्पादन विधियों को बताते हैं। RAS के लिए मुख्य अंतर यह है कि उत्सर्जन को नवीकरणीय बिजली से होने वाले विद्युत-अपघटन के ज़रिए टाला जाता है या जीवाश्म स्रोत से उत्पादन के दौरान कार्बन को पकड़कर घटाया जाता है।
