RAS प्रश्न
काली मिट्टी (रेगुर) किसकी खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर: (D) कपास।
काली मिट्टी, जिसे रेगुर या काली कपास मिट्टी भी कहा जाता है, कपास की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।
व्याख्या
काली मिट्टी का कपास से संबंध केवल नाम का नहीं, उसके गुणों का परिणाम है। यह दक्कन ट्रैप बेसाल्ट के अपक्षय से बनती है और इसमें चूना, लोहा, मैग्नीशिया तथा एल्युमिना अधिक पाए जाते हैं, जबकि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और कार्बनिक पदार्थ कम होते हैं। इसकी नमी धारण क्षमता अधिक होती है; गीली होने पर यह फूलती है और सूखने पर सिकुड़ती है, जिसे स्व-जुताई कहा जाता है। NCERT अर्थशास्त्र पाठ्यपुस्तक दक्कन पठार की काली मिट्टी को कपास की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानती है और इसी कारण उस क्षेत्र में वस्त्र उद्योगों के संकेंद्रण की बात करती है। इसलिए विकल्प D, कपास, सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गेहूँ के लिए जलोढ़ मिट्टी बेहतर मानी जाती है, इसलिए काली रेगुर मिट्टी के साथ उसका संबंध कपास जितना प्रत्यक्ष नहीं है।
- (B) चाय के लिए पहाड़ी क्षेत्रों की अम्लीय मिट्टी चाहिए, जबकि काली मिट्टी की प्रमुख फसल कपास है।
- (C) चावल के लिए खड़े पानी वाली जलोढ़ या चिकनी मिट्टी उपयुक्त मानी गई है, इसलिए यह काली मिट्टी से सबसे अधिक जुड़ी फसल नहीं है।
अवधारणा
भारत में मृदा-फसल अनुकूलता एक महत्वपूर्ण भौगोलिक अवधारणा है। RAS में मिट्टी, कृषि और क्षेत्रीय उद्योगों का संबंध सीधे भारतीय भूगोल से जुड़ता है।
